नई दिल्ली: भाजपा के वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी ने उत्तराखंड के बदरीनाथ धाम में हाल ही में आयोजित सांस्कृतिक महोत्सव को लेकर आपत्ति जताई है। उन्होंने पवित्र धाम में संगीत कार्यक्रम और डीजे जैसे आयोजनों की अनुमति दिए जाने पर चिंता व्यक्त की। जोशी ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम मंदिर की धार्मिक और सांस्कृतिक मर्यादा के अनुरूप नहीं हैं।
चमोली जिले के बदरीनाथ में ‘देवभूमि कल्चरल फेस्टिवल’ का आयोजन किया गया था। महोत्सव की थीम ‘संस्कृति हमारी विरासत, हमारा भविष्य’ रखी गई थी।

धाम की धार्मिक गरिमा और परंपराओं को लेकर चिंता
जोशी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि बदरीनाथ धाम की स्थापना आदि गुरु शंकराचार्य ने हिमालय के शांत और आध्यात्मिक वातावरण में भक्ति एवं स्तुति के उद्देश्य से की थी। ऐसे में धाम की धार्मिक गरिमा और परंपराओं को ध्यान में रखते हुए इस तरह के आयोजनों की प्रकृति पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि हिमालय जैसे संवेदनशील और ऊंचाई वाले क्षेत्र में तेज संगीत और बड़े आयोजनों से पर्यावरण तथा स्वास्थ्य पर पड़ने वाले संभावित प्रभावों को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।


धाम की पवित्रता बनाए रखने की अपील
जोशी ने केंद्र और उत्तराखंड सरकार से ऐसे आयोजनों पर रोक लगाने तथा देवभूमि की धार्मिक और सांस्कृतिक पवित्रता बनाए रखने का आग्रह किया। उन्होंने शंकराचार्यों और संतों से भी धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं की रक्षा के लिए आवाज उठाने की अपील की।
उन्होंने कहा कि हिमालय भगवान शिव की भूमि है और इसी क्षेत्र से गंगा का उद्गम होता है। इसलिए इसकी धार्मिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक गरिमा बनाए रखना जरूरी है।