दिल्ली: अगर आप बिहार जाने की तैयारी कर रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए महत्वपूर्ण हो सकती है। रेलवे ने राजेंद्र पुल पर चल रहे काम की वजह से कई ट्रेनों के संचालन में बड़ा बदलाव किया है। इसका सीधा असर यात्रियों की यात्रा पर पड़ सकता है। ईस्ट सेंट्रल रेलवे के मुताबिक राजेंद्र पुल पर काम के कारण 35 ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है।

33 ट्रेनों के रूट में बदलाव कियें गयें है।
इसके अलावा 33 ट्रेनों के रूट में बदलाव कियें गयें है। वही 9 ट्रेनों को उनके तय स्टेशन से पहले ही रोकने या दूसरे स्टेशन से चलाने का फैसला लिया गया है। अगर आपकी ट्रेन पटना बरौनी, मोकामा, किउल या जयनगर रूट से होकर जाती है, तो यात्रा से पहले अपनी ट्रेन का स्टेटस जरूर चेक कर लें। क्योंकि रेलवे के इस बदलाव की वजह से आपकी ट्रेन का रूट, समय या संचालन बदल सकता है। इसलिए घर से निकलने से पहले रेलवे की आधिकारिक जानकारी जरूर देख लें ।
कई महत्वपूर्ण ट्रेनें आज नहीं चलेंगी
राजेंद्र पुल से जुड़े काम के कारण रद्द की गई ट्रेनों में कई महत्वपूर्ण सेवाएं शामिल हैं। इनमें सीतामढ़ी-कोलकाता टर्मिनल, कोलकाता टर्मिनल-दरभंगा और आरा-बनारस मेमू समेत कई ट्रेनें प्रभावित हैं। अगर आपकी ट्रेन भी इस रूट से होकर गुजरती है। तो घर से निकलने से पहले उसकी ताजा स्थिति की पुष्टि करना जरूरी है।  रेलवे के परिचालन बदलाव के कारण ट्रेन के रद्द होने या उसके संचालन में बदलाव की स्थिति बन सकती है। 

राजेंद्र पुल पर क्यों किया जा रहा है काम?
गंगा नदी पर बने मौजूदा राजेंद्र पुल के समानांतर एक नया डबल लाइन रेल पुल तैयार किया गया है। फिलहाल रेलवे इस नए पुल को मौजूदा रेल नेटवर्क से जोड़ने और इसे ट्रेनों के परिचालन के लिए तैयार करने से जुड़े जरूरी काम कर रहा है। इसी वजह से इस रेल रूट पर कुछ समय के लिए ट्रेनों की आवाजाही प्रभावित हुई है।
ईस्ट सेंट्रल रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी के मुताबिक मौजूदा राजेंद्र पुल पर रेलवे के लिए केवल एक रेल लाइन उपलब्ध है। तकनीकी कारणों से इस लाइन को डबल लाइन में बदलना संभव नहीं है। ऐसे में रेल यातायात की क्षमता बढ़ाने के लिए पुराने पुल के समानांतर नया डबल लाइन रेल पुल बनाने का निर्णय लिया गया।

करीब 1,491 करोड़ रुपये की परियोजना
नए रेल पुल की परियोजना को 2015-16 के रेल बजट में मंजूरी मिली थी। इस प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत करीब 1,491.47 करोड़ रुपये तय की गई थी। नया पुल शुरू होने के बाद इस महत्वपूर्ण रेल मार्ग पर ट्रेनों की आवाजाही की क्षमता बढ़ने की उम्मीद है।

1959 से सेवा में है राजेंद्र पुल
मौजूदा राजेंद्र पुल करीब 1.9 किलोमीटर लंबा रेल-सह-सड़क पुल है। यह वर्ष 1959 से सेवा में है और गंगा नदी के ऊपर मोकामा और बरौनी को जोड़ता है।
पुल पर रेलवे के लिए सिर्फ सिंगल लाइन होने के कारण इस मार्ग पर ट्रेनों की आवाजाही की क्षमता सीमित रहती है। इसी समस्या को दूर करने के लिए समानांतर डबल लाइन रेल पुल का निर्माण किया गया है।
नया पुल मोकामा क्षेत्र के रेल नेटवर्क को अपर हाथीदह जंक्शन, ताल जंक्शन, रामपुर डुमरा, दिनकर ग्राम सिमरिया और बरौनी जंक्शन से जोड़ने में मदद करेगा। इसके पूरी तरह चालू होने के बाद इस रेल मार्ग पर ट्रेनों के संचालन को अधिक सुचारु बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।