नई दिल्ली: दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्रसंघ चुनाव में आखिरकार अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् यानि ABVP ने बाजी मार ली । हालांकि उसे NSUI से कड़ी टक्कर मिली । इस बार एक बड़ा ट्विस्ट भी देखने को मिला। चार केंद्रीय पदों में से तीन पर ABVP ने जीत दर्ज की, लेकिन उपाध्यक्ष की कुर्सी निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशु शौकीन के खाते में गई। यश डबास ने अध्यक्ष, रिया छावड़ी ने सचिव और लक्ष्य राज सिंह ने संयुक्त सचिव पद जीतकर ABVP को तीन सीटें दिलाईं।
अध्यक्ष पद की लड़ाई सबसे करीबी रही। ABVP के यश डबास और NSUI के विजय शंकर मीणा के बीच कड़ा मुकाबला रहा । मतगणना के दौरान दोनों उम्मीदवार एक दूसरे पर बढ़त बनाते रहे लेकिन अंतिम नतीजे में यश डबास ने अध्यक्ष पद अपने नाम कर लिया। इसके साथ ही ABVP ने केंद्रीय पैनल में अपनी स्थिति मजबूत कर ली।

DUSU के चारों पदों पर कौन जीता?

दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ के चार प्रमुख पदों का परिणाम इस प्रकार रहा:
• अध्यक्ष: यश डबास - ABVP
• उपाध्यक्ष: दीपांशु शौकीन - निर्दलीय
• सचिव: रिया छावड़ी - ABVP
• संयुक्त सचिव: लक्ष्य राज सिंह - ABVP

इस तरह चार में से तीन केंद्रीय पद ABVP के खाते में गए, जबकि उपाध्यक्ष पद निर्दलीय उम्मीदवार ने जीता।

उपाध्यक्ष पद ने बदला चुनाव का समीकरण

इस चुनाव का सबसे अलग नतीजा उपाध्यक्ष पद का रहा। निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशु शौकीन ने जीत दर्ज की। शौकीन का चुनावी सफर भी इस बार चर्चा में रहा, क्योंकि उन्होंने निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ा और ABVP और NSUI के बीच चल रहे मुख्य मुकाबले से अलग एक सीट अपने नाम की। 
DUSU चुनाव के लिए 18 सितंबर को मतदान हुआ था जिसमें दिल्ली विश्वविद्यालय के विभिन्न कॉलेजों के छात्रों ने चार केंद्रीय पदों के लिए मतदान किया। इस बार 40.46 फीसदी मतदान दर्ज किया गया। 
चुनाव में ABVP और NSUI के बीच मुख्य मुकाबला रहा। इसके अलावा अन्य छात्र संगठनों और निर्दलीय उम्मीदवारों ने भी अलग-अलग पदों पर चुनाव लड़ा।

कड़ी सुरक्षा के बीच हुई मतगणना

मतगणना शनिवार सुबह 8 बजे नॉर्थ कैंपस स्थित यूनिवर्सिटी स्पोर्ट्स स्टेडियम के मल्टीपर्पज हॉल में शुरू हुई। सुरक्षा को देखते हुए विश्वविद्यालय परिसर और मतगणना केंद्र के आसपास अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया था। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, 2,000 से ज्यादा पुलिस और अर्धसैनिक बलों के जवानों की तैनाती की गई थी।
मतगणना के दौरान बैरिकेडिंग और प्रवेश व्यवस्था को भी सख्त रखा गया। वैध पहचान पत्र के आधार पर ही संबंधित लोगों को प्रवेश की अनुमति दी गई।