सपा प्रमुख ने राज्य की भाजपा सरकार पर किसान के हितों की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए कहा कि किसान कमीशनखोरी और मुनाफाखोरी के कारण किसान परेशान हैं । उन्हे जरूरत के समय खाद और बीज नहीं मिल पाता है । अखिलेश यादव ने कहा कि सपा की सरकार बनने पर किसानों को पर्याप्त बिजली, खाद, बीज और सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराई जाएगी ।
मुलाकात के दौरान मुजफ्फरनगर के किसानों ने अखिलेश को 'हल' और बागपत के किसानों ने 'हुक्का' भेंट किया। यह ग्रामीण संस्कृति में बड़े राजनीतिक समर्थन और कप्तानी सौंपने का प्रतीक माना जाता है ।
दरअसल पश्चिमी उत्तर प्रदेश राज्य में किसान राजनीति का गढ़ माना जाता है । आरएलडी प्रमुख जयंत चौधरी का यहीं से आते हैं और किसानों पर उनका काफी प्रभाव माना जाता है । 2022 में जयंत अखिलेश के साथ थे लेकिन अब वे एनडीए के साथ हैं । ऐसे में अखिलेश की कोशिश यहां के किसान वोट बैंक में सेंध लगाने की है । अखिलेश दिखाना चाहते हैं कि जयंत के पाला बदलने के बाद भी पश्चिमी यूपी का किसान विशेषकर खाप चौधरी सपा के साथ है । पश्चिमी उत्तर प्रदेश में खाप चौधरियों का रुख जाट और किसान मतदाताओं की दिशा तय करने में बेहद निर्णायक माना जाता है ।
पिछले चुनावों में राष्ट्रीय लोकदल और समाजवादी पार्टी के साथ होने से उन्हे जाट-मुस्लिम-किसान गठजोड़ बनाने में सफलता भी मिली थी । इस गठजोड़ के बूते उन्होंने भाजपा को कड़ी टक्कर दी थी । अब जयंत अखिलेश के साथ नहीं हैं । ऐसे में खाप चौधरियों के सहारे वे पुराने फॉर्मूले को साधने की कोशिश कर रहे हैं ।