दिल्ली:  वृंदावन स्थित प्रेमानंद महाराज के आश्रम में शिष्य की मौत के बाद कई व्यवस्थाओं में बदलाव किया गया है। केली कुंज में दीक्षा देने का कार्यक्रम फिलहाल अनिश्चितकाल के लिए रोक दिया गया है। इसके साथ ही टोकन के जरिए होने वाले दर्शन भी बंद कर दिए गए हैं।  आश्रम की ओर से दीक्षित भक्तों के लिए यमुना विहार कुंज बेलवान में होने वाली दर्शन व्यवस्था को भी फिलहाल रोक दिया गया है। ऐसे में आश्रम पहुंचने वाले भक्तों को पहले की तरह दर्शन की सुविधा नहीं मिल पाएगी।

टोकन लेकर दर्शन की सुविधा बंद
केली कुंज में बड़ी संख्या में भक्त दर्शन के लिए पहुंचते हैं। यहां टोकन के जरिए दर्शन की व्यवस्था की गई थी। अब इस व्यवस्था को भी अनिश्चितकाल के लिए रोक दिया गया है। फिलहाल भक्तों को टोकन लेकर पहले की तरह दर्शन करने की अनुमति नहीं होगी।

यमुना विहार कुंज बेलवान में भी रोक
बदलाव केवल केली कुंज तक सीमित नहीं हैं। यमुना विहार कुंज बेलवान में दीक्षित भक्तों के लिए होने वाले दर्शन भी फिलहाल बंद कर दिए गए हैं। यानी अभी केली कुंज में दीक्षा कार्यक्रम बंद है। टोकन दर्शन की सुविधा भी उपलब्ध नहीं है। वहीं यमुना विहार कुंज बेलवान में दीक्षित भक्तों के दर्शन पर भी रोक लगी हुई है।

सेवादारों की वेशभूषा में भी बदलाव
आश्रम की व्यवस्थाओं में एक और बदलाव देखने को मिला है। सेवा से जुड़े साधक और साधिकाओं की वेशभूषा बदल गई है।पहले सफेद कपड़ों में नजर आने वाले कई साधक अब अलग वेशभूषा में दिखाई दे रहे हैं। वहीं पीला अचला पहनने वाले अधिकांश साधकों ने भी अचला पहनना बंद कर दिया है। हालांकि ड्रेस कोड में बदलाव को लेकर आश्रम प्रबंधन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। इस बीच आश्रम से जुड़ा एक संदेश सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें महाराज की आज्ञा का हवाला देते हुए नई वेशभूषा में आने की बात कही गई है।
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शिष्य की मौत के बाद बदली आश्रम की व्यवस्था
आश्रम में ये बदलाव रसिक दुलारी शरण उर्फ दीपक लोधी की मौत के बाद सामने आए हैं। 25 सितंबर को दीपक लोधी ने वृंदावन के वराह घाट इलाके में स्थित चार मंजिला गुरु कृपा कुंज बिल्डिंग से कूदकर जान दे दी थी। मिली जानकारी के अनुसार दीपक करीब तीन महीने से इस बिल्डिंग में रह रहे थे। यह इमारत केली कुंज ट्रस्ट से जुड़ी बताई गई है। यहां प्रेमानंद महाराज के आश्रम से जुड़े 50 से ज्यादा शिष्य और सेवादार रहते हैं। यह बिल्डिंग पुराने केली कुंज आश्रम से करीब 500 मीटर की दूरी पर स्थित बताई गई है।

पुलिस कर रही मामले की जांच
पुलिस घटना से पहले की परिस्थितियों की भी जांच कर रही है। कमरे और बिल्डिंग से जुड़े डीवीआर के साथ कुछ सैंपल फोरेंसिक जांच के लिए भेजे गए हैं। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटना से पहले दीपक की किससे बातचीत हुई थी और उस समय वहां क्या हुआ था।

फिलहाल इस मामले में आश्रम प्रबंधन की ओर से कैमरे के सामने कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। हालांकि आश्रम की सेवा व्यवस्था से जुड़े सेवादारों ने माइक के जरिए भक्तों को नई व्यवस्थाओं की जानकारी दी है।