वॉशिंगटन: अमेरिका और चीन के बीच जारी रणनीतिक और तकनीकी प्रतिस्पर्धा के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन को लेकर बड़ा बयान दिया है। ट्रंप ने कहा कि चीन अमेरिका की जासूसी करता है और अमेरिका भी चीन की जासूसी करता है। उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की अमेरिका यात्रा और ट्रंप के साथ प्रस्तावित मुलाकात को लेकर चर्चा तेज है। ट्रंप के मुताबिक, वह शी जिनपिंग के साथ बैठक में लगभग हर महत्वपूर्ण मुद्दे पर बातचीत करेंगे।

‘चीन हमारी जासूसी करता है, हम भी करते हैं’
आयरलैंड से अमेरिका लौटते समय एयर फोर्स वन में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप से चीन की खुफिया गतिविधियों को लेकर सवाल किया गया। इसके जवाब में उन्होंने साफ कहा कि चीन अमेरिका की जासूसी करता है और अमेरिका भी चीन की जासूसी करता है।

ट्रंप का यह बयान ऐसे समय सामने आया है जब चीन से जुड़ी संस्थाओं द्वारा ईरान को अमेरिकी सैन्य ठिकाने की सैटेलाइट तस्वीरें उपलब्ध कराने की एक रिपोर्ट चर्चा में है। हालांकि, ट्रंप ने इस रिपोर्ट को ज्यादा तूल नहीं दिया और चीन के साथ अमेरिका की खुफिया गतिविधियों को भी इसी तरह की प्रक्रिया बताया।

ईरान को सैटेलाइट तस्वीरें देने की रिपोर्ट से उठा मामला
यह विवाद उस रिपोर्ट के बाद सामने आया जिसमें दावा किया गया था कि चीन से जुड़ी संस्थाओं ने ईरान को जॉर्डन में मौजूद अमेरिकी एयरबेस की सैटेलाइट तस्वीरें उपलब्ध कराई थीं। रिपोर्ट के मुताबिक, इन तस्वीरों का इस्तेमाल जुलाई में हुए एक हमले से पहले किया गया था। उस हमले में तीन अमेरिकी सैनिकों की मौत हुई थी।

हालांकि यहां एक महत्वपूर्ण बात यह है कि रिपोर्ट में चीनी सरकार की सीधे तौर पर संलिप्तता का आरोप नहीं लगाया गया था। इसमें चीन से जुड़ी संस्थाओं का जिक्र किया गया था। ट्रंप ने भी इस मुद्दे को लेकर चीन के खिलाफ कोई नया बड़ा आरोप लगाने के बजाय कहा कि दोनों देश एक-दूसरे की निगरानी करते हैं।

24 सितंबर को ट्रंप-शी की अहम मुलाकात
ट्रंप और शी जिनपिंग की संभावित मुलाकात अब इस पूरी कहानी का सबसे अहम हिस्सा बन गई है। ट्रंप के मुताबिक, शी जिनपिंग 24 सितंबर को अमेरिका आएंगे और व्हाइट हाउस में उनसे मुलाकात करेंगे। ट्रंप ने संकेत दिया है कि बैठक में किसी एक मुद्दे तक बातचीत सीमित नहीं रहेगी और दोनों नेता कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा करेंगे।

इन मुद्दों में अमेरिका-चीन व्यापार, तकनीकी प्रतिस्पर्धा, AI, वैश्विक सुरक्षा और दोनों देशों के बीच रणनीतिक संबंध शामिल हो सकते हैं। दोनों देशों के रिश्ते पिछले कुछ वर्षों में व्यापार, तकनीक और सुरक्षा के मुद्दों को लेकर लगातार चुनौतीपूर्ण रहे हैं।

अमेरिका-चीन रिश्तों में जासूसी के अलावा AI भी बड़ा मुद्दा

अमेरिका और चीन के बीच प्रतिस्पर्धा अब केवल व्यापार और सैन्य ताकत तक सीमित नहीं है। Artificial Intelligence, सेमीकंडक्टर, सैटेलाइट तकनीक और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर भी दोनों देशों के बीच रणनीतिक प्रतिस्पर्धा के बड़े क्षेत्र बन चुके हैं।

ऐसे में ट्रंप का ताजा बयान यह दिखाता है कि खुफिया जानकारी और निगरानी भी अमेरिका-चीन रिश्तों का संवेदनशील हिस्सा बनी हुई है। वहीं, शी जिनपिंग की प्रस्तावित यात्रा दोनों देशों के लिए तनाव कम करने और महत्वपूर्ण मुद्दों पर सीधे बातचीत का अवसर भी हो सकती है।

2028 के राष्ट्रपति चुनाव पर भी बोले ट्रंप

इसी बातचीत के दौरान ट्रंप से 2028 के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव को लेकर भी सवाल किया गया। उनसे पूछा गया कि क्या वह वर्तमान उपराष्ट्रपति JD Vance को रिपब्लिकन पार्टी की ओर से राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के तौर पर समर्थन करेंगे।

ट्रंप ने Vance की संभावनाओं को खारिज नहीं किया, लेकिन कहा कि अभी endorsement के लिए काफी समय बाकी है। उन्होंने संकेत दिया कि रिपब्लिकन पार्टी के पास कई अच्छे विकल्प हैं।

हालांकि, 2028 की शुरुआती राजनीतिक चर्चा में JD Vance का नाम सबसे प्रमुख संभावित दावेदारों में शामिल है। इसके अलावा विदेश मंत्री Marco Rubio और कुछ अन्य रिपब्लिकन नेताओं के नाम भी चर्चा में हैं। लेकिन फिलहाल Trump ने किसी एक उम्मीदवार को आधिकारिक समर्थन नहीं दिया है।