लखनऊ: उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले योगी सरकार ने पंचायत सहायकों के लिए कई अहम घोषणाएं की हैं। प्रदेश के 57 हजार से ज्यादा पंचायत सहायकों को अब हर महीने 9 हजार रुपये मानदेय देने का फैसला किया गया है। अभी उन्हें 6 हजार रुपये प्रतिमाह मिलते हैं। यानी मानदेय में 50 प्रतिशत की बढ़ोतरी होगी। इसके साथ ही सेवा सुरक्षा, कैशलेस इलाज और महिला पंचायत सहायकों के लिए मातृत्व अवकाश जैसी सुविधाओं का भी ऐलान किया गया है।

मुख्यमंत्री से बातचीत के बाद हुआ ऐलान

पंचायत सहायकों की मांगों को लेकर चल रहे आंदोलन के बीच पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने बुधवार को प्रतिनिधियों से बातचीत की। इसके बाद सरकार की ओर से लिए गए फैसलों की जानकारी दी गई। राजभर के मुताबिक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से बातचीत के बाद मानदेय को बढ़ाकर 9 हजार रुपये करने पर सहमति बनी।

अब सीधे खाते में आएगा मानदेय

मानदेय के भुगतान को लेकर भी बदलाव की तैयारी है। सरकार कैबिनेट की मंजूरी के बाद DBT यानी डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर व्यवस्था लागू करेगी। इसके तहत पंचायत सहायकों का मानदेय सीधे उनके बैंक खातों में भेजा जाएगा। अभी भुगतान राज्य वित्त आयोग से मिलने वाली राशि के माध्यम से किया जाता है।

सेवा से हटाने के लिए तय होगी प्रक्रिया

पंचायत सहायकों की सेवा सुरक्षा को लेकर भी फैसला हुआ है। अब ग्राम प्रधान या पंचायत सचिव अपने स्तर पर किसी सहायक को हटाने का फैसला नहीं कर सकेंगे। इसके लिए जिलाधिकारी की अध्यक्षता में समिति गठित करने की व्यवस्था बताई गई है। यानी सेवा समाप्ति के मामले में निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना होगा।

आंदोलन से जुड़े मुकदमे वापस होंगे

सरकार ने आंदोलन के दौरान दर्ज किए गए मुकदमों को वापस लेने की भी घोषणा की है। कार्रवाई के दौरान जिन पंचायत सहायकों को हटाया गया था, उनकी बहाली की बात भी कही गई है। इसके अलावा हर पंचायत सहायक के परिवार को कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा देने की जानकारी भी सामने आई है।

महिला सहायकों को मातृत्व अवकाश

महिला पंचायत सहायकों के लिए मातृत्व अवकाश की सुविधा देने का भी ऐलान किया गया है। इससे पंचायत स्तर पर काम करने वाली महिला सहायकों को मातृत्व के दौरान राहत मिलेगी। इन फैसलों के बाद लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे पंचायत सहायकों को कई मोर्चों पर राहत मिलने की उम्मीद है। पंचायत सहायकों की ओर से मानदेय और सेवा से जुड़ी मांगों को लेकर लखनऊ समेत कई जगहों पर प्रदर्शन किए जा रहे थे।