नई दिल्ली: मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा का आकाशवाणी भवन परिसर में धरना जारी है। पांच घंटे से अधिक समय से धरने पर बैठे राहुल गांधी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि वह बीजेपी के बयानों में दिलचस्पी नहीं रखते। वह देश के लोकतंत्र को बचाने के लिए यहां खड़े हैं। राहुल ने कहा कि उनके साथ कुछ घंटे पहले करीब 300 लोकसभा और राज्यसभा सांसद भी आए थे और वे सभी लोकतंत्र को बचाने की कोशिश कर रहे हैं। राहुल ने कहा कि वो मुख्य चुनाव आयुक्त और दो अन्य चुनाव आयुक्तों से मुलाकात करना चाहते हैं लेकिन उन्हे मिलने नहीं दिया जा रहा है। 

‘वोट चोरी कर देश को हाईजैक किया गया’

राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत और सीईसी ज्ञानेश कुमार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि इन लोगों ने देश के लोकतंत्र को खत्म कर दिया है। राहुल ने आरोप लगाया कि ‘वोट चोरी’ कर देश को हाईजैक किया गया और इसमें ज्ञानेश कुमार ने मदद की।

राहुल गांधी ने कहा कि वह यह बात पूरी जिम्मेदारी के साथ कह रहे हैं और इस मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होगी। उन्होंने दावा किया कि उन्हें रोकने वाले पुलिसकर्मी भी स्थिति को समझते हैं। 

‘300 सांसद चुनाव आयुक्त से मिलना चाहते हैं, फिर रोका क्यों जा रहा?’

राहुल गांधी ने कहा कि ज्ञानेश कुमार डरे हुए हैं । करीब 300 सांसद उनसे और अन्य चुनाव आयुक्तों से मिलना चाहते हैं लेकिन मिलने नहीं दिया जा रहा है । उनका सवाल था कि जब निर्वाचन आयोग का कार्यालय धरना स्थल से कुछ ही दूरी पर है, तो सांसदों को वहां जाने से क्यों रोका जा रहा है। उन्होंने कहा कि अगर चुनाव आयुक्त जनप्रतिनिधियों से ही नहीं मिलेगा तो फिर लोकतंत्र का क्या मतलब रह जाएगा।

राहुल गांधी ने आकाशवाणी परिसर और आसपास बड़ी संख्या पुलिस फोर्स की तैनाती पर कहा कि अगर उन्हें वहां से हटाना है तो हटा दिया जाए, लेकिन उन्हें यह बताया जाए कि वह कहां बैठ सकते हैं। आकाशवाणी भवन परिसर में राहुल और प्रियंका गांधी के साथ विपक्ष के कई नेता भी धरने पर बैठे हैं।

बीजेपी का पलटवार- संवैधानिक संस्थाओं पर दबाव बना रहा विपक्ष

राहुल गांधी के आरोपों पर बीजेपी ने भी तीखा पलटवार किया है। बीजेपी प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने कांग्रेस और उसके पूरे राजनीतिक तंत्र पर संवैधानिक संस्थाओं के खिलाफ झूठ फैलाने का आरोप लगाया । उन्होंने राहुल गांधी के दावों को खारिज करते हुए कहा कि विपक्ष का प्रदर्शन संवैधानिक संस्थाओं पर दबाव बनाने की कोशिश है।

बीजेपी सांसद रविशंकर प्रसाद ने भी राहुल गांधी और INDIA ब्लॉक के मार्च पर निशाना साधा। उन्होंने विपक्ष पर दिल्ली में संवैधानिक संस्थाओं को घेरने का आरोप लगाया और राहुल गांधी के बयानों की आलोचना की। बीजेपी का कहना है कि विपक्ष चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाकर राजनीतिक दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है।

संसद से शुरू हुआ था मार्च, पुलिस ने रोका

 मंगलवार को INDIA ब्लॉक के सांसद संसद के मकर द्वार से चुनाव आयोग के मुख्यालय की ओर मार्च कर रहे थे। विपक्षी सांसद सीईसी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और SIR यानी विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया को लेकर उठ रहे सवालों का जवाब मांग रहे हैं ।

मार्च संसद मार्ग की तरफ बढ़ा, लेकिन दिल्ली पुलिस ने इसे नीति आयोग के पास रोक दिया। इसके बाद विपक्षी सांसद वहीं धरने पर बैठ गए। प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी बैरिकेड तक पहुंचे और तिरंगा भी लहराया। बाद में राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत कुछ नेता आकाशवाणी भवन परिसर में पहुंच गए और धरने पर बैठ गए । 

SIR और Form 6 को लेकर है पूरा विवाद

विपक्ष लगातार आरोप लगा रहा है कि SIR की प्रक्रिया के जरिए मतदाताओं के नाम हटाए जा रहे हैं और चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित किया जा रहा है। चुनाव आयोग इन आरोपों को खारिज करता रहा है और उसका कहना है कि SIR का उद्देश्य मतदाता सूची को दुरुस्त करना है।

इसी मुद्दे से जुड़े Form 6 को लेकर भी सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हो चुकी है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि उसने Form 6 के किसी संशोधित प्रारूप को मंजूरी नहीं दी है। इस मुद्दे को लेकर भी विपक्ष और चुनाव आयोग के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं।