दिल्ली: एशियन गेम्स 2026 में भारत का सफर खत्म हो गया है। जापान के आइची-नागोया में आयोजित इस खेल महाकुंभ में भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 85 पदक अपने नाम किए। इनमें 21 गोल्ड, 27 सिल्वर और 37 ब्रॉन्ज मेडल शामिल हैं। इस प्रदर्शन के साथ भारत ने मेडल टेबल में चौथा स्थान हासिल किया।भारत के लिए अभियान का आखिरी दौर बेहद शानदार रहा। शुरुआत में जहां भारतीय दल की पदक रफ्तार कुछ धीमी नजर आ रही थी, वहीं प्रतियोगिता के अंतिम दिनों में खिलाड़ियों ने लगातार शानदार प्रदर्शन किया और मेडल टेबल में भारत की स्थिति मजबूत कर दी।
एक दिन में 5 गोल्ड, 9 मेडल
3 अक्टूबर का दिन भारतीय खेलों के लिए बेहद खास रहा। भारत ने एक ही दिन में पांच गोल्ड समेत कुल नौ पदक जीते। हॉकी, क्रिकेट, तीरंदाजी, गोल्फ और कुश्ती में भारत ने स्वर्ण पदक अपने नाम किए। इस शानदार प्रदर्शन के बाद भारत मेडल टेबल में चौथे स्थान पर पहुंच गया।
भारत के लिए यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि 2026 एशियन गेम्स में शुरुआती दौर के बाद टीम इंडिया ने जिस तरह आखिरी दिनों में पदकों की रफ्तार बढ़ाई, उसने पूरे अभियान को शानदार अंदाज में खत्म किया।
हॉकी में गोल्ड और ओलंपिक का टिकट
भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने फाइनल मुकाबले में मलेशिया को 5-1 से हराकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया। कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई। भारत ने शुरुआत से ही मुकाबले पर दबदबा बनाए रखा और शानदार प्रदर्शन करते हुए लगातार दूसरी बार एशियन गेम्स का पुरुष हॉकी खिताब अपने नाम किया।
इस गोल्ड के साथ भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने 2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक के लिए सीधे क्वालिफाई भी कर लिया। भारत के लिए हॉकी में यह एशियाड इसलिए भी ऐतिहासिक रहा क्योंकि महिला हॉकी टीम ने भी गोल्ड मेडल जीता। भारतीय महिला टीम ने फाइनल में चीन को 1-0 से हराकर 44 साल बाद एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीता।
यानी इस बार एशियन गेम्स में भारत की पुरुष और महिला दोनों हॉकी टीमों ने गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रच दिया।
क्रिकेट में पाकिस्तान को हराकर गोल्ड
क्रिकेट के फाइनल में भारत और पाकिस्तान आमने-सामने थे। भारतीय पुरुष टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 211 रन बनाए। जवाब में पाकिस्तान की टीम 192 रन ही बना सकी। भारत ने मुकाबला 19 रन से जीतकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया।इस जीत के साथ भारत ने एशियन गेम्स में पुरुष क्रिकेट का लगातार दूसरा गोल्ड मेडल जीता। इससे पहले 2023 के हांगझोउ एशियन गेम्स में भी भारत ने पुरुष क्रिकेट में स्वर्ण पदक हासिल किया था।महिला क्रिकेट टीम ने भी गोल्ड जीतकर इस एशियाड में भारत के लिए क्रिकेट में गोल्डन डबल पूरा किया।
तीरंदाजी में कुमकुम मोहोड़ ने रचा इतिहास
तीरंदाजी में कुमकुम मोहोड़ ने महिला व्यक्तिगत रिकर्व स्पर्धा में गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रच दिया।वह एशियन गेम्स में व्यक्तिगत रिकर्व स्पर्धा में गोल्ड जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनीं। उनके शानदार प्रदर्शन ने भारत के पदक अभियान में एक और स्वर्ण जोड़ दिया। पुरुष रिकर्व स्पर्धा में नीरज चौहान ने ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया।
गोल्फ में प्रणवी उर्स ने महिला व्यक्तिगत स्पर्धा में गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रच दिया।
प्रणवी एशियन गेम्स में महिला व्यक्तिगत गोल्फ स्पर्धा में गोल्ड जीतने वाली पहली भारतीय बनीं। उनकी इस उपलब्धि ने भारतीय गोल्फ के लिए भी नया अध्याय लिखा। और साथ ही कुश्ती में भी भारत का जलवा रहा कुश्ती में अमन सहरावत ने गोल्ड मेडल जीता।
वहीं अंतिम पंघाल ने सिल्वर और दीपक पुनिया ने ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया। इस प्रदर्शन ने भारत के आखिरी दिन के शानदार पदक अभियान में अहम योगदान दिया। 85 पदकों के साथ भारत का अभियान खत्म
एशियन गेम्स 2026 में भारत ने कुल 85 पदक जीते।
• 21 गोल्ड
• 27 सिल्वर
• 37 ब्रॉन्ज
कुल 85 पदकों के साथ भारत ने मेडल टेबल में चौथा स्थान हासिल किया।
हालांकि भारत 2023 के हांगझोउ एशियन गेम्स के अपने रिकॉर्ड प्रदर्शन को पीछे नहीं छोड़ सका। हांगझोउ में भारत ने 107 पदक जीते थे, जिनमें 28 गोल्ड, 38 सिल्वर और 41 ब्रॉन्ज शामिल थे। 2026 में कुल पदकों की संख्या इससे कम रही, लेकिन अंतिम दिनों में भारतीय खिलाड़ियों के प्रदर्शन ने अभियान को मजबूत फिनिश दी।
आखिरी दौर में बदली मेडल टेबल की तस्वीर
एशियन गेम्स 2026 में भारत की शुरुआत भले ही उम्मीद के मुताबिक तेज नहीं रही हो, लेकिन जैसे-जैसे प्रतियोगिता आगे बढ़ी, भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार वापसी की। खासकर आखिरी कुछ दिनों में तीरंदाजी, बॉक्सिंग, कुश्ती, क्रिकेट और हॉकी में मिली सफलताओं ने भारत की पदक संख्या तेजी से बढ़ाई। अंतिम दिन हॉकी, क्रिकेट, कुश्ती, गोल्फ और तीरंदाजी में मिले पांच गोल्ड ने भारत को मेडल टेबल में चौथे स्थान तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। 85 पदकों के साथ भारत ने एशियन गेम्स 2026 का अभियान खत्म किया। रिकॉर्ड 107 पदकों का आंकड़ा भले इस बार नहीं टूट सका, लेकिन आखिरी दौर में भारतीय खिलाड़ियों ने जिस तरह लगातार पदक जीते, उसने अभियान का अंत यादगार बना दिया।



