दिल्ली: एशियन गेम्स 2026 में भारतीय तीरंदाजों ने एक बार फिर देश का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है। चिकिता तनिपार्थी और साहिल जाधव की जोड़ी ने कंपाउंड मिक्स्ड टीम इवेंट में शानदार प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया। फाइनल में भारत का सामना दक्षिण कोरिया से हुआ। मुकाबला शुरू से ही बेहद रोमांचक रहा। चारों एंड के बाद दोनों टीमों का स्कोर 157-157 से बराबर रहा। इसके बाद गोल्ड मेडल का फैसला शूट-ऑफ से हुआ।

शूट ऑफ में भारतीय तीरंदाजों ने जबरदस्त दबाव के बीच शानदार निशाना लगाया। चिकिता और साहिल ने 10-10 अंक हासिल किए। भारत ने शूट-ऑफ में 20-19 से जीत दर्ज की और गोल्ड अपने नाम कर लिया। सेमीफाइनल में भी दिखा दमफाइनल तक पहुंचने का सफर भी आसान नहीं था। भारतीय जोड़ी ने सेमीफाइनल में थाईलैंड को 156-155 के बेहद करीबी मुकाबले में हराया था। आखिरी पलों तक मुकाबला बराबरी का रहा लेकिन चिकिता और साहिल ने दबाव में बेहतर प्रदर्शन करते हुए जीत हासिल की।

 चिकिता ने एक दिन में जीते दो गोल्ड
चिकिता तनिपार्थी के लिए यह दिन बेहद खास रहा। मिक्स्ड टीम के गोल्ड से पहले वह महिला कंपाउंड टीम का भी हिस्सा थीं। चिकिता ने ज्योति सुरेखा वेन्नम और पृथिका प्रदीप के साथ मिलकर चीन को 238-234 से हराया और महिला टीम का गोल्ड भी जीता।यानी चिकिता ने एक ही दिन में दो गोल्ड मेडल अपने नाम किए।

 भारत को मिला ओलंपिक कोटा
इस जीत की खास बात यह भी है कि कंपाउंड मिक्स्ड टीम में गोल्ड के साथ भारत ने *लॉस एंजेलिस 2028 ओलंपिक के लिए कोटा स्थान* हासिल किया है। कंपाउंड मिक्स्ड टीम इवेंट को 2028 ओलंपिक में पहली बार शामिल किया जाएगा। चिकिता और साहिल की इस शानदार जीत ने एशियन गेम्स में भारतीय कंपाउंड तीरंदाजी के अभियान को और मजबूत कर दिया है। दबाव भरे फाइनल में आखिरी तीर तक भारतीय जोड़ी का संयम और सटीक निशाना देखने लायक रहा।