दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने दो राज्यों में होने वाले राज्यसभा चुनाव के लिए अपने उम्मीदवारों के नामों का ऐलान कर दिया है। उत्तराखंड में पार्टी ने दिनेश आर्य को राज्यसभा का उम्मीदवार बनाया है, जबकि पश्चिम बंगाल की खाली हुई सीट पर कोयल मलिक को प्रत्याशी घोषित किया गया है। उत्तराखंड में राज्यसभा सांसद नरेश बंसल का कार्यकाल समाप्त होने के बाद यह सीट खाली हुई है। वहीं, पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) छोड़कर BJP में शामिल हुईं कोयल मलिक के इस्तीफे के बाद राज्यसभा की एक सीट रिक्त हुई थी। अब इसी सीट पर उपचुनाव होना है और BJP ने कोयल मलिक को ही अपना उम्मीदवार बनाया है। आइए, जानते हैं कि BJP ने इन दोनों नेताओं पर दांव क्यों लगाया है।

कौन हैं दिनेश आर्य?
दिनेश आर्य उत्तराखंड के नैनीताल क्षेत्र से आते हैं। फिलहाल वह राज्यस्तरीय पेयजल अनुश्रवण परिषद के उपाध्यक्ष हैं और उन्हें राज्यमंत्री का दर्जा प्राप्त है।
वह संगठन में भी कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं। दिनेश आर्य BJP के नैनीताल जिलाध्यक्ष, भाजपा अनुसूचित मोर्चा के राष्ट्रीय सचिव और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के PRO भी रह चुके हैं।

उनके राज्यसभा उम्मीदवार बनाए जाने के पीछे संगठनात्मक अनुभव के साथ-साथ राजनीतिक संदेश भी देखा जा रहा है।
दरअसल, हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की एक सभा के बाद मंच के कथित शुद्धीकरण को लेकर काफी विवाद हुआ था। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने आरोप लगाया था कि खरगे दलित समुदाय से आते हैं और इसी वजह से उनके कार्यक्रम के बाद मंच का शुद्धीकरण कराया गया।
इस घटना को लेकर BJP और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हुई थी। ऐसे में माना जा रहा है कि BJP ने नैनीताल से आने वाले दलित नेता दिनेश आर्य को राज्यसभा भेजकर दलित प्रतिनिधित्व और सामाजिक संतुलन का राजनीतिक संदेश देने की कोशिश की है।

कोयल मलिक कौन हैं?
रुक्मिणी मलिक उर्फ कोयल मलिक बंगाल की जानी-मानी अभिनेत्री हैं, जो बाद में राजनीति में आईं। उनकी लोकप्रियता को देखते हुए तृणमूल कांग्रेस ने उन्हें मई 2026 में राज्यसभा भेजा था। हालांकि, पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद राजनीतिक समीकरण बदल गए। TMC से दूरी बनाने वाले नेताओं में कोयल मलिक भी शामिल हो गईं। उन्होंने जुलाई 2026 में राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया और इसके बाद BJP के साथ उनकी नजदीकियां बढ़ने लगीं।इस्तीफा देने के बाद उनकी दिल्ली में BJP नेता और केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव से मुलाकात भी हुई थी। तभी से उनके BJP में जाने और पार्टी की ओर से बड़ी राजनीतिक जिम्मेदारी दिए जाने की अटकलें लगने लगी थीं।
अब BJP ने उन्हें उसी राज्यसभा सीट से अपना उम्मीदवार बनाया है, जिस पर उन्होंने TMC सांसद रहते हुए इस्तीफा दिया था।

BJP के फैसले के पीछे क्या रणनीति?
दोनों उम्मीदवारों के चयन को अलग-अलग राजनीतिक संदेशों से जोड़कर देखा जा सकता है।
दिनेश आर्य के जरिए BJP उत्तराखंड में दलित प्रतिनिधित्व को मजबूत करने के साथ-साथ कांग्रेस के आरोपों का राजनीतिक जवाब देने की कोशिश करती दिख रही है। वहीं कोयल मलिक के जरिए पार्टी बंगाल में लोकप्रिय चेहरे और TMC से BJP में आए नेताओं को महत्व देने का संदेश दे रही है। इसके अलावा, दोनों ही नामों में पार्टी की सामाजिक और राजनीतिक समीकरण साधने की रणनीति दिखाई देती है। संख्या बल को देखते हुए पश्चिम बंगाल की इस राज्यसभा सीट पर कोयल मलिक की जीत की संभावना भी मजबूत मानी जा रही है।