नई दिल्ली: नए मतदाताओं का नाम वोटर लिस्ट में जोड़ने के लिए इस्तेमाल होने वाले Form-6 को लेकर चुनाव आयोग और विपक्ष के बीच विवाद एक बार फिर सामने आया है। कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने ऑनलाइन Form-6 में किए गए बदलाव को लेकर चुनाव आयोग और Tata Consultancy Services (TCS) से सवाल पूछे हैं।
राहुल गांधी ने 1 अक्टूबर को सोशल मीडिया पोस्ट में आरोप लगाया कि ऑनलाइन Form-6 में बदलाव किया गया। उन्होंने पूछा कि चुनाव आयोग में किस अधिकारी ने TCS को यह बदलाव करने का निर्देश दिया और TCS में इसे किसने मंजूरी दी। उन्होंने यह भी सवाल किया कि क्या TCS पर इस बदलाव को लागू करने के लिए दबाव बनाया गया था।
क्या था Form-6 में बदलाव का मामला?
Form-6 का इस्तेमाल पहली बार मतदाता के रूप में पंजीकरण कराने के लिए किया जाता है। SIR यानी Special Intensive Revision के दौरान ऑनलाइन Form-6 के साथ एक अतिरिक्त घोषणा यानी Annexure-D जोड़ी गई थी।इस अतिरिक्त घोषणा में आवेदक से यह जानकारी मांगी गई थी कि उसका नाम या उसके माता-पिता अथवा दादा-दादी का नाम पिछली SIR के दौरान तैयार मतदाता सूची में दर्ज था या नहीं। कुछ मामलों में संबंधित पुराने मतदाता रिकॉर्ड से जुड़ी जानकारी भी मांगी गई थी।
इस अतिरिक्त घोषणा को लेकर चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने आपत्ति जताई थी। रिपोर्टों के अनुसार उनका सवाल था कि Registration of Electors Rules, 1960 के तहत निर्धारित Form-6 में बदलाव के लिए निर्धारित कानूनी प्रक्रिया का पालन किया गया था या नहीं।
चुनाव आयोग ने क्या कहा?
चुनाव आयोग ने इस मामले में अलग पक्ष रखा है। आयोग का कहना है कि मूल वैधानिक Form-6 में कोई बदलाव नहीं किया गया था। उसके मुताबिक SIR के दौरान Form-6 के साथ अलग से Annexure-D जोड़ा गया था और यह अतिरिक्त घोषणा केवल SIR प्रक्रिया के लिए थी।आयोग ने 26 सितंबर को स्पष्ट किया था कि SIR की अवधि में यह अतिरिक्त घोषणा इस्तेमाल की जाएगी जबकि SIR पूरा होने के बाद सामान्य प्रक्रिया के तहत निर्धारित Form-6 का इस्तेमाल किया जाएगा।
अब क्या बदला है?
30 सितंबर से जिन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में SIR की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है वहां ऑनलाइन Form-6 से यह अतिरिक्त SIR घोषणा हटा दी गई है। ऐसे क्षेत्रों में नए मतदाताओं को अब सामान्य Form-6 के जरिए आवेदन करना होगा। हालांकि जिन राज्यों में SIR अभी जारी है वहां अतिरिक्त घोषणा की व्यवस्था बनी हुई है।इस पूरे मामले में राहुल गांधी के आरोप और चुनाव आयोग के स्पष्टीकरण अलग-अलग हैं।