नोएडा: स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में कुवैत के झंडे वाले एक तेल टैंकर पर प्रोजेक्टाइल से हमला हुआ। इस जहाज पर पांच भारतीय नागरिक सवार थे। हमले के बाद सभी पांचों भारतीयों को सुरक्षित जहाज से निकालकर किनारे पहुंचाया गया। ओमान की राजधानी मस्कट स्थित भारतीय दूतावास ने 2 अक्टूबर को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर इसकी जानकारी दी।
कमर्शियल जहाज लगातार निशाने पर
वेस्ट एशिया में जारी संघर्ष के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज ओमान की खाड़ी लाल सागर अदन की खाड़ी बाब-अल-मंदेब और ब्लैक सी जैसे समुद्री इलाकों में कमर्शियल जहाजों पर हमले की घटनाएं सामने आई हैं। इन हमलों में कई नाविकों की जान भी जा चुकी है।
इन समुद्री मार्गों से गुजरने वाले भारतीय और विदेशी झंडे वाले कमर्शियल जहाजों पर बड़ी संख्या में भारतीय नाविक काम करते हैं। ऐसे में इन हमलों का सीधा असर भारतीय नागरिकों की सुरक्षा पर भी पड़ रहा है।
29 सितंबर को विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग में बताया था कि फारस की खाड़ी क्षेत्र में 4500 से अधिक भारतीय नाविक काम कर रहे हैं। इनमें 12 सक्रिय कार्गो जहाजों पर 163 भारतीय नागरिक शामिल हैं जो स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के आसपास मौजूद हैं।
भारत ने पहले भी नाविकों को निशाना बनाए जाने को लेकर चिंता जताई है। इस मुद्दे को भारत ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में भी उठाया था। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में कहा था कि लगातार जारी तनाव और हमलों को लेकर भारत गंभीर रूप से चिंतित है।
खाड़ी देशों में रह रहे भारतीयों की सुरक्षा भी चिंता का विषय
सिर्फ समुद्री मार्गों पर काम करने वाले नाविक ही नहीं बल्कि वेस्ट एशिया के कई देशों में लाखों भारतीय नागरिक काम करते हैं। ऐसे में क्षेत्र में बढ़ता तनाव भारत की ऊर्जा सुरक्षा के साथ साथ वहां रह रहे भारतीय नागरिकों के लिए भी चिंता बढ़ा रहा है।
अमेरिका इजरायल और ईरान के बीच जारी संघर्ष के दौरान खाड़ी क्षेत्र के कुछ हिस्सों में भी हमले हुए हैं। इससे क्षेत्र में रहने वाले भारतीय नागरिकों और वहां से गुजरने वाले कमर्शियल जहाजों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं और बढ़ गई हैं।