दिल्ली: इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी की जमकर तारीफ की है। उन्होंने कैप्टन स्मित को इजरायल आने का न्योता दिया है। साथ ही, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी अगले साल इजरायल के स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रम में शामिल होने और मशाल जलाने के लिए आमंत्रित किया है। नेतन्याहू ने कैप्टन स्मित से फोन पर बातचीत के दौरान कहा कि वह भारत, इजरायल और पूरी दुनिया के लिए हीरो हैं। इजरायली प्रधानमंत्री कार्यालय ने 4 अक्टूबर को दोनों की बातचीत का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा किया।

क्या हुआ था फ्लाईदुबई की फ्लाइट में?
30 सितंबर को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट में कैप्टन स्मित मच्छार पर उनके ओमानी को-पायलट हमाम अल-हमामी ने कथित तौर पर हमला कर दिया था। हमले में कैप्टन स्मित गंभीर रूप से घायल हो गए।इसके बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। विमान के तेजी से नीचे जाने के बीच उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोलने की कोशिश की। दूसरी कोशिश में दरवाजा खुल गया और बाहर मौजूद लोगों ने अंदर पहुंचकर को-पायलट को काबू कर लिया।इसके बाद विमान की सऊदी अरब के तबुक में इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई। कैप्टन स्मित की बहादुरी और सूझबूझ से विमान में सवार सभी 174 लोगों की जान बच गई।कैप्टन स्मित को इलाज के लिए सऊदी अरब से संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की राजधानी अबू धाबी ले जाया गया है।

कॉकपिट में क्या हुआ था?
नेतन्याहू से बातचीत के दौरान कैप्टन स्मित ने कॉकपिट में हुई पूरी घटना के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि ओमानी को-पायलट ने उनसे कहा था कि वह प्रार्थना करना चाहता है।
कैप्टन स्मित ने बताया कि पायलटों का प्रार्थना करना सामान्य बात होने के कारण उन्होंने उसका सम्मान किया और पीछे मुड़कर नहीं देखा। करीब चार-पांच मिनट बाद उनके सिर के पीछे अचानक जोरदार हमला हुआ। पहले हमले के बाद उन्हें लगा कि शायद विमान से कोई चीज टकराई है। लेकिन जब दोबारा हमला हुआ, तो उन्हें समझ आया कि को-पायलट ही उन पर हमला कर रहा है।हमले के बाद कैप्टन स्मित कॉकपिट के फर्श पर गिर गए। उन्होंने दरवाजा खोलने की कोशिश की, लेकिन को-पायलट ने उन्हें रोक दिया। इस दौरान विमान तेजी से नीचे जा रहा था और यात्री भी घबराकर चिल्ला रहे थे।

दूसरी कोशिश में खुला कॉकपिट का दरवाजा
कैप्टन स्मित ने बताया कि उस समय उन्हें लगा कि शायद उनकी मौत होने वाली है। इसके बावजूद उन्होंने आखिरी ताकत लगाकर दोबारा कॉकपिट का दरवाजा खोलने की कोशिश की।
इस बार दरवाजा खुल गया। बाहर मौजूद लोग तुरंत कॉकपिट के अंदर पहुंचे और को-पायलट को काबू कर लिया। इसके बाद विमान की सुरक्षित इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई।
कैप्टन स्मित की इसी बहादुरी के लिए इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने उनकी सराहना की और उन्हें अगले साल इजरायल के स्वतंत्रता दिवस समारोह में शामिल होने का न्योता दिया है।