दिल्ली: दिल्ली के जंतर-मंतर पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव बढ़ गया। पुलिस ने कई नेताओं और प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया है।
हिरासत में लिए गए लोगों में आम आदमी पार्टी की नेता आतिशी सौरभ भारद्वाज संजय सिंह और विधायक संजीव झा के अलावा AISA की अध्यक्ष नेहा बोरा और सामाजिक कार्यकर्ता योगेंद्र यादव भी शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक 700 के करीब प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया है।

SIR को लेकर प्रदर्शनकारियों का विरोध
प्रदर्शनकारी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर सवाल उठा रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने चुनावी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग की है। पुलिस के मुताबिक बड़ी संख्या में छात्र संगठनों के कार्यकर्ताओं ने जंतर-मंतर की ओर पहुंचने की कोशिश की। कई लोगों को रास्ते में ही रोककर हिरासत में लिया गया।

जंतर-मंतर पर भारी पुलिस बल तैनात
प्रदर्शन को देखते हुए जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। कई जगहों पर बैरिकेडिंग की गई है। पुलिस और सुरक्षा बलों के जवानों को तैनात किया गया है। नई दिल्ली इलाके में BNSS की धारा 163 लागू की गई है। इसके तहत एक जगह पर बड़ी संख्या में लोगों के इकट्ठा होने और प्रदर्शन करने पर रोक लगाई गई है।

दिल्ली में मेट्रो सेवाओं पर भी असर
प्रदर्शन के मद्देनजर दिल्ली के कई मेट्रो स्टेशनों पर प्रवेश और निकास बंद किए जाने की जानकारी सामने आई है। जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए लोगों की आवाजाही पर भी असर पड़ा है। प्रशासन की ओर से लोगों से सुरक्षा निर्देशों का पालन करने और प्रभावित इलाकों से बचने की अपील की गई है।

मुंबई में भी प्रदर्शन की तैयारी
दिल्ली के साथ मुंबई में भी चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को लेकर प्रदर्शन की तैयारी की गई थी। मुंबई के शिवाजी पार्क इलाके में सुरक्षा बढ़ाई गई है। पुलिस ने प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी है। इलाके में कई स्तर की बैरिकेडिंग की गई है और पुलिस बल तैनात किया गया है। निगरानी के लिए ड्रोन का भी इस्तेमाल किया जा रहा है।

कई छात्र संगठनों ने प्रदर्शन का ऐलान किया
प्रदर्शन में AISA SFI NSUI और अन्य छात्र संगठनों के कार्यकर्ताओं के शामिल होने की बात सामने आई है। विभिन्न संगठनों ने चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची को लेकर अपनी आपत्तियां जताई हैं। विपक्षी दलों की ओर से भी अक्टूबर के दौरान देश के अलग-अलग हिस्सों में लोकतंत्र और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को लेकर कार्यक्रम आयोजित करने की घोषणा की गई है।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ने भी दी प्रतिक्रिया
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने प्रदर्शन और चुनाव आयुक्तों से जुड़े विवाद पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयुक्तों की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद मामले को लेकर स्थिति स्पष्ट हो गई है। उन्होंने विपक्ष की ओर से लगाए जा रहे आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि इन दावों को आगे बढ़ाने की कोशिश सफल नहीं होगी।