दिल्ली: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न देने की मांग उठी है। नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया यानी NCPI ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर ज्ञानेश कुमार के नाम की भारत रत्न के लिए सिफारिश करने की मांग की है। NCPI के राष्ट्रीय अध्यक्ष ज्योतिप्रकाश चटर्जी ने 30 सितंबर को यह पत्र भेजा। पत्र में पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दौरान चुनाव आयोग की भूमिका की सराहना की गई है।
पश्चिम बंगाल चुनाव का किया जिक्र
NCPI ने अपने पत्र में दावा किया कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुए। पार्टी ने राज्य में चुनावी हिंसा और डराने धमकाने के पुराने मामलों का जिक्र करते हुए कहा कि 2026 का चुनाव बिना किसी बड़ी हिंसक घटना के पूरा हुआ। पार्टी ने चुनाव आयोग की ओर से मतदाता सूची की समीक्षा के लिए चलाए गए स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन यानी SIR का भी जिक्र किया। NCPI का कहना है कि मतदाता सूची की जांच से चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और भरोसा बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
ज्ञानेश कुमार की भूमिका की तारीफ
NCPI अध्यक्ष ज्योतिप्रकाश चटर्जी ने पत्र में ज्ञानेश कुमार की भूमिका की तारीफ की। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग की स्वतंत्रता और निष्पक्षता बनाए रखने की दिशा में किए गए काम से लोकतांत्रिक व्यवस्था में लोगों का भरोसा मजबूत हुआ है।पार्टी ने प्रधानमंत्री से अपील की है कि ज्ञानेश कुमार को भारत रत्न दिए जाने पर विचार किया जाए। NCPI का कहना है कि ऐसा सम्मान चुनाव अधिकारियों के लिए निष्पक्षता और ईमानदारी के प्रति प्रतिबद्धता का संदेश देगा।
पहले भी उठ चुकी है सम्मान देने की मांग
ज्ञानेश कुमार को सम्मान देने की मांग इससे पहले भी सामने आ चुकी है। पश्चिम बंगाल BJP अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने भी ज्ञानेश कुमार को पद्म भूषण देने की मांग की थी।समिक भट्टाचार्य ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में चुनाव आयोग की भूमिका की तारीफ की थी। उन्होंने चुनाव प्रक्रिया को लेकर अपनी संतुष्टि जाहिर करते हुए कहा था कि राज्य में ऐसा चुनाव पहले देखने को नहीं मिला।
SIR को लेकर जारी है राजनीतिक विवाद
ज्ञानेश कुमार को सम्मान देने की मांग ऐसे समय में सामने आई है जब SIR को लेकर राजनीतिक विवाद जारी है। विपक्षी दल चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची में बदलाव को लेकर सवाल उठा रहे हैं। वहीं चुनाव आयोग की ओर से SIR को मतदाता सूची को अपडेट करने और पात्र मतदाताओं के नाम सुनिश्चित करने की प्रक्रिया बताया गया है।