IIIT लखनऊ परिसर तक पहुंचा बाढ़ का पानी
गोमती नदी का पानी मस्तीमऊ स्थित इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (IIIT) लखनऊ परिसर तक पहुंच गया है। स्थिति को देखते हुए संस्थान को छात्रों के लिए बंद कर दिया गया है और परीक्षाएं भी स्थगित की गई हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक परिसर में रहने वाले करीब 800 हॉस्टल छात्रों को दूसरी जगह सुरक्षित स्थानांतरित किया गया है, जबकि करीब 300 छात्र अपने घर लौट गए हैं। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए परिसर की बिजली आपूर्ति भी बंद की गई है।
पलासियो मॉल के सामने सर्विस लेन जलमग्न
गोमती का पानी शहीद पथ की सर्विस लेन तक पहुंच गया है। फीनिक्स पलासियो मॉल के सामने पानी भरने के बाद इस सर्विस लेन पर आवाजाही रोक दी गई है। इकाना स्टेडियम के आसपास भी जलभराव की वजह से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
इकाना से IIIT जाने वाले रास्ते पर भी असर
बाढ़ के पानी का असर गोमती नगर एक्सटेंशन और आसपास के इलाकों में भी दिखाई दे रहा है। इकाना की ओर जाने वाले कुछ रास्तों और IIIT की तरफ जाने वाली सड़क पर पानी जमा होने से यातायात प्रभावित हुआ है।
पुलिस और PAC की टीमों को भीड़ और यातायात को नियंत्रित करने के लिए तैनात किया गया है। कुछ इलाकों में पानी घरों और परिसरों के अंदर तक पहुंचने की सूचना है।
गोमती का जलस्तर 107.24 मीटर तक पहुंचा
बुधवार शाम हनुमान सेतु पर गोमती का जलस्तर 107.24 मीटर दर्ज किया गया था। यह सामान्य स्तर से काफी ऊपर है और नदी का पानी शहर के निचले इलाकों में फैलने से बाढ़ जैसे हालात पैदा हुए हैं।
अधिकारियों के मुताबिक गऊघाट पर भी नदी का जलस्तर काफी बढ़ा हुआ है। फिलहाल नदी का जलस्तर चेतावनी और खतरे के स्तर के करीब बना हुआ है, इसलिए प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर रख रहा है।
लखनऊ में बारिश रुकी, फिर भी क्यों बढ़ रहा पानी?
लखनऊ में हाल के दिनों में बड़ी बारिश नहीं हुई है, इसके बावजूद गोमती का जलस्तर बढ़ रहा है। इसकी मुख्य वजह नदी के ऊपरी कैचमेंट क्षेत्रों से लगातार आ रहा पानी है।
अधिकारियों के मुताबिक पीलीभीत, लखीमपुर खीरी और सीतापुर समेत गोमती के ऊपरी क्षेत्रों में हुई भारी बारिश का पानी अलग-अलग धाराओं और नदियों के जरिए नीचे की ओर आया है। यही पानी अब लखनऊ पहुंच रहा है।
इसी वजह से लखनऊ में बारिश रुकने के बाद भी नदी का जलस्तर तुरंत नीचे नहीं आया। अधिकारियों के अनुसार ऊपरी इलाकों में पानी के स्तर में बदलाव का असर लखनऊ तक पहुंचने में समय लगता है।
फैजुल्लागंज और अन्य इलाकों में भी गंभीर स्थिति
गोमती के बढ़े जलस्तर से फैजुल्लागंज, घैला, दाउद नगर और गोमती नगर एक्सटेंशन समेत कई इलाकों में जलभराव की समस्या बनी हुई है। कई निचले इलाकों में लोगों के घरों तक पानी पहुंचने की खबरें सामने आई हैं।
कुछ क्षेत्रों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है और प्रशासन की ओर से राहत एवं बचाव कार्य जारी हैं।
श्मशान घाट और मंदिर भी प्रभावित
बाढ़ के पानी का असर शहर के कुछ प्रमुख धार्मिक और सार्वजनिक स्थलों पर भी पड़ा है। बैकुंठ धाम और गुलालाघाट जैसे गोमती किनारे स्थित श्मशान घाटों में पानी भरने से अंतिम संस्कार की व्यवस्था प्रभावित हुई है।
इसके अलावा कुछ मंदिर और नदी किनारे के धार्मिक स्थल भी जलभराव की चपेट में आए हैं।
नगर निगम ने शुरू किया सफाई और संक्रमण रोकने का अभियान
जलभराव के बाद बीमारियों और मच्छरों से होने वाले संक्रमण का खतरा बढ़ने को देखते हुए लखनऊ नगर निगम ने सफाई और बीमारी रोकथाम का अभियान शुरू किया है।
करीब 250 कर्मचारियों को इस अभियान में लगाया गया है। लगभग 150 एकड़ क्षेत्र में ड्रोन के जरिए एंटी-लार्वा का छिड़काव भी किया गया है। प्रभावित इलाकों में राहत और आवश्यक सेवाओं की व्यवस्था पर भी प्रशासन की नजर है।
जलस्तर कम होने की उम्मीद
ऊपरी कैचमेंट क्षेत्रों में पानी का दबाव कम होने के बाद लखनऊ में भी गोमती का जलस्तर नीचे आने की उम्मीद जताई जा रही है। हालांकि प्रशासन अभी स्थिति को लेकर सतर्क है और नदी के जलस्तर तथा प्रभावित इलाकों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
फिलहाल लोगों से जलभराव वाले रास्तों पर अनावश्यक जाने से बचने और प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करने की अपील की जा रही है।



