दिल्ली: कई महीनों बाद सिंगापुर से पटना लौटीं रोहिणी आचार्य के स्वागत के लिए पूरा परिवार एयरपोर्ट पहुंचा, लेकिन तेजस्वी यादव की गैरमौजूदगी ने राजनीतिक गलियारों में एक बार फिर चर्चाओं को हवा दे दी। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में आरजेडी के प्रदर्शन के बाद लालू परिवार के भीतर कथित मतभेदों को लेकर पहले से ही तरह-तरह की चर्चाएं चल रही थीं। ऐसे में रोहिणी की पटना वापसी ने इन सवालों को फिर सामने ला दिया है।
लेकिन बड़ा सवाल यह है कि आखिर रोहिणी आचार्य पटना क्यों लौटी हैं? क्या वह सिर्फ अपने पिता लालू प्रसाद यादव से मिलने आई हैं या आरजेडी में उन्हें कोई अहम जिम्मेदारी दिए जाने की तैयारी है?
पटना एयरपोर्ट पर परिवार के साथ दिखीं रोहिणी
महीनों बाद सिंगापुर से पटना पहुंचीं रोहिणी आचार्य के स्वागत के लिए उनके पिता लालू प्रसाद यादव, मां राबड़ी देवी और बहन मीसा भारती एयरपोर्ट पर मौजूद थीं। परिवार के कई अन्य सदस्य भी वहां नजर आए।
हालांकि, तेजस्वी यादव की गैरमौजूदगी चर्चा का विषय बन गई। पिछले कुछ समय से रोहिणी और तेजस्वी के बीच कथित राजनीतिक और पारिवारिक मतभेदों को लेकर अटकलें लगती रही हैं। ऐसे में तेजस्वी के एयरपोर्ट पर नहीं पहुंचने को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक था।हालांकि, आरजेडी प्रवक्ता चितरंजन गगन ने इस पर सफाई देते हुए कहा कि तेजस्वी यादव उस समय दिल्ली में थे, इसलिए वह पटना एयरपोर्ट नहीं पहुंच सके।
रोहिणी ने खुद क्या कहा?
पटना पहुंचने के बाद जब रोहिणी आचार्य से उनकी वापसी को लेकर सवाल किया गया, तो उन्होंने इसे राजनीतिक घटनाक्रम के बजाय पारिवारिक मुलाकात के तौर पर पेश किया।
रोहिणी ने कहा कि उनके पिता ने उन्हें बुलाया है और वह इसी वजह से पटना आई हैं। वहीं, जब उनसे आरजेडी कार्यकर्ताओं से मुलाकात या पार्टी की गतिविधियों में उनकी संभावित भूमिका को लेकर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी। यहीं से उनकी राजनीतिक भूमिका को लेकर चर्चाएं तेज हो गईं।
क्या आरजेडी में मिल सकती है बड़ी जिम्मेदारी?
राजनीतिक गलियारों में ऐसी चर्चा है कि आरजेडी रोहिणी आचार्य को पार्टी में कोई महत्वपूर्ण जिम्मेदारी देने पर विचार कर सकती है। हालांकि, इस संबंध में पार्टी की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।यह भी कयास लगाए जा रहे हैं कि लालू प्रसाद यादव ने रोहिणी की राजनीतिक भूमिका को लेकर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और परिवार के सदस्यों से चर्चा की है। लेकिन इन चर्चाओं की स्वतंत्र पुष्टि अभी सामने नहीं आई है।इससे पहले रोहिणी आचार्य सोशल मीडिया पर अपने पिता लालू प्रसाद यादव को लेकर भावुक पोस्ट भी कर चुकी हैं। उन्होंने अपने पोस्ट में पिता के प्रति सम्मान और उनके आशीर्वाद को अपने लिए बेहद महत्वपूर्ण बताया था।
परिवार से मुलाकात या सियासत में नई भूमिका?
फिलहाल रोहिणी आचार्य की पटना वापसी को लेकर दो तरह की तस्वीर सामने आ रही है। एक तरफ रोहिणी खुद इसे अपने पिता के बुलावे पर हुई पारिवारिक यात्रा बता रही हैं। दूसरी तरफ, राजनीतिक हलकों में उनकी संभावित सक्रियता और आरजेडी में किसी जिम्मेदारी को लेकर चर्चाएं चल रही हैं।
रोहिणी पिछले कुछ समय से सोशल मीडिया के जरिए बिहार की राजनीति पर भी अपनी राय रखती रही हैं और सरकार व मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर निशाना साधती रही हैं। ऐसे में उनकी पटना वापसी को राजनीतिक नजरिए से भी देखा जा रहा है।
लेकिन फिलहाल यह साफ नहीं है कि उनकी वापसी के पीछे कोई औपचारिक राजनीतिक भूमिका है या नहीं।
आरजेडी की ओर से रोहिणी आचार्य को किसी बड़ी जिम्मेदारी दिए जाने का कोई आधिकारिक ऐलान अभी तक नहीं हुआ है। ऐसे में फिलहाल इसे महज राजनीतिक अटकलों के तौर पर ही देखा जा सकता है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि आने वाले दिनों में रोहिणी आचार्य आरजेडी के कार्यक्रमों में सक्रिय होती हैं या नहीं और क्या पार्टी उन्हें कोई औपचारिक जिम्मेदारी देती है।
यानी असली सवाल अभी भी यही है—रोहिणी आचार्य की पटना वापसी सिर्फ पिता से मिलने की वजह से हुई है या आरजेडी की राजनीति में उनकी कोई नई भूमिका तय होने वाली है?