बीजेपी में शामिल होने के बाद अभय सिंह ने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधा। उन्होंने रामचरितमानस विवाद, सरकारी भर्तियों और दिल्ली में चल रहे आंदोलन को लेकर सपा की आलोचना की। उन्होंने कई आरोप भी लगाए, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
गौरीगंज में आयोजित कार्यक्रम में ली सदस्यता
तीनों नेताओं ने गौरीगंज में आयोजित कार्यक्रम के दौरान बीजेपी की सदस्यता ली। ये तीनों नेता 2024 के राज्यसभा चुनाव के दौरान सपा से अलग रुख अपनाने के कारण चर्चा में आए थे। अभय सिंह और राकेश प्रताप सिंह को सपा पहले ही निष्कासित कर चुकी थी।
अभय सिंह ने रामचरितमानस और भर्ती के मुद्दे उठाए
अभय सिंह ने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी का आचरण सनातन विरोधी रहा है। उन्होंने रामचरितमानस से जुड़े विवाद का जिक्र करते हुए सपा की आलोचना की।
सरकारी भर्तियों को लेकर भी उन्होंने सपा पर भेदभाव का आरोप लगाया। उनका कहना था कि पार्टी के शासनकाल में भर्ती प्रक्रिया में कुछ लोगों को प्राथमिकता दी जाती थी और चापलूसी करने वालों को आगे बढ़ाया जाता था। ये अभय सिंह के आरोप हैं; इन्हें स्वतंत्र रूप से प्रमाणित तथ्य नहीं माना जा सकता।
दिल्ली के आंदोलन पर विदेशी फंडिंग का दावा
अभय सिंह ने दिल्ली में चल रहे एक आंदोलन पर भी टिप्पणी की। उन्होंने दावा किया कि यह आंदोलन विदेशी फंडिंग के लिए चलाया जा रहा है। हालांकि, इस दावे के समर्थन में स्वतंत्र प्रमाण सामने नहीं आए हैं। इसलिए इसे उनके बयान के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।
उन्होंने नौकरी से जुड़े कथित घोटालों का भी जिक्र किया और कहा कि ऐसे मामलों में गिरफ्तारियां हो रही हैं।
2024 के अयोध्या चुनाव पर भी बोले अभय सिंह
अभय सिंह ने 2024 के लोकसभा चुनाव में अयोध्या सीट के नतीजे पर भी टिप्पणी की। उन्होंने आरोप लगाया कि अयोध्या की जनता को बरगलाकर चुनाव जीता गया और दावा किया कि आने वाले चुनाव में मतदाता इसका जवाब देंगे।
2024 के लोकसभा चुनाव में फैजाबाद सीट से समाजवादी पार्टी के अवधेश प्रसाद ने जीत दर्ज की थी। अभय सिंह की टिप्पणी इसी चुनाव परिणाम के संदर्भ में थी।
2027 के चुनाव से पहले बदले राजनीतिक समीकरण
उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले तीन विधायकों का बीजेपी में शामिल होना राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण घटनाक्रम है। इस कदम से संबंधित क्षेत्रों में नए राजनीतिक समीकरण बन सकते हैं। हालांकि, इसका चुनाव पर क्या असर पड़ेगा, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा।



