इसी मामले में ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा को शनिवार सुबह करीब 5 बजे रिहा कर दिया गया। दिल्ली पुलिस के मुताबिक, उनकी हिरासत से जुड़ी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद उन्हें छोड़ा गया।
आठ दिन में दूसरी बार पुलिस कार्रवाई
अभिजीत दीपके के खिलाफ आठ दिनों के भीतर यह दूसरी कार्रवाई बताई जा रही है। इससे पहले 10 अक्टूबर को उन्हें दिल्ली एयरपोर्ट पर विमान से हिरासत में लिया गया था। रिपोर्टों के मुताबिक, अगले दिन उन्हें रिहा कर दिया गया था।
इस बार कार्रवाई शुक्रवार को कनॉट प्लेस में प्रस्तावित ‘लहरा दो तिरंगा’ मार्च से पहले हुई। इस प्रदर्शन का संबंध मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर उठाए जा रहे सवालों से था।
दीपके पर किन धाराओं में कार्रवाई हुई?
दिल्ली पुलिस के अनुसार, अभिजीत दीपके के खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 126 और 170 के तहत निवारक कार्रवाई की गई। पुलिस ने शांति भंग होने की आशंका को कार्रवाई का आधार बताया।
धारा 126 शांति बनाए रखने के लिए सुरक्षा संबंधी कार्यवाही से जुड़ी है, जबकि धारा 170 संज्ञेय अपराध को रोकने के लिए निवारक गिरफ्तारी से संबंधित है। इस तरह की कार्रवाई अपने आप में किसी व्यक्ति को अपराध का दोषी साबित नहीं करती।
नेहा बोरा सुबह करीब 5 बजे रिहा
AISA अध्यक्ष नेहा बोरा को भी शुक्रवार शाम हिरासत में लिया गया था। उनके साथ करीब 150 अन्य लोगों को हिरासत में लिए जाने की खबर है।
दिल्ली पुलिस के अनुसार, नेहा बोरा को दिल्ली पुलिस एक्ट की धारा 65 के तहत आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद रिहा किया गया। रिहाई के बाद उन्होंने हिरासत की प्रक्रिया और वकील से संपर्क करने में आई दिक्कतों को लेकर सवाल उठाए।
CJP ने क्या आरोप लगाए?
CJP की लीगल अफेयर्स प्रमुख रत्ना सिंह ने सोशल मीडिया पर दावा किया था कि अभिजीत दीपके की गिरफ्तारी के बाद उनकी लोकेशन की जानकारी नहीं मिल रही थी और वकील उनसे मुलाकात नहीं कर पाए थे।
पार्टी के राष्ट्रीय संगठन प्रभारी अजिंक्य शिंदे ने भी हिरासत की जानकारी मिलने में परेशानी होने का आरोप लगाया। वहीं, NCP (शरदचंद्र पवार) के प्रवक्ता अनीश गांडे ने दीपके की रिहाई की मांग की थी।
ये आरोप संबंधित नेताओं की ओर से लगाए गए हैं। इन्हें दिल्ली पुलिस के आधिकारिक पक्ष से अलग समझना जरूरी है।
दिल्ली में बैरिकेडिंग, कई FIR की खबर
‘लहरा दो तिरंगा’ मार्च को लेकर शुक्रवार को कनॉट प्लेस और नई दिल्ली के अन्य इलाकों में पुलिस की कार्रवाई हुई। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, निषेधाज्ञा के कथित उल्लंघन को लेकर कई FIR दर्ज की गई हैं।
शनिवार को कनॉट प्लेस, संसद मार्ग और जंतर-मंतर के आसपास बैरिकेडिंग और सुरक्षा व्यवस्था की खबरें भी सामने आईं। पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने और यातायात सुचारु रखने को अपनी कार्रवाई का आधार बताया।
केरल में दिल्ली पुलिस के खिलाफ जीरो FIR
इस घटनाक्रम के बीच केरल के तिरुवनंतपुरम स्थित म्यूजियम पुलिस स्टेशन में दिल्ली पुलिस के खिलाफ जीरो FIR दर्ज किए जाने की भी खबर है। शिकायतकर्ता दिल्ली विश्वविद्यालय की लॉ छात्रा और NSUI कार्यकर्ता अथिरा विजयन हैं।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि 13 अक्टूबर को कनॉट प्लेस में प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने उन्हें रोका, गाली दी, घसीटा और मारपीट की। इस मामले में शिकायतकर्ता के आरोपों और जांच के निष्कर्षों को अलग-अलग समझना जरूरी है।



