दादा मियां के उर्स मेले में चल रहा था जलपरी शो
यह घटना सोमवार, 2 नवंबर की देर रात बहराइच के फखरपुर थाना क्षेत्र के खालिदपुर गांव में हुई। यहां दादा मियां के उर्स के अवसर पर मेले का आयोजन किया गया था। मेले में लोगों के मनोरंजन के लिए जलपरी शो भी लगाया गया था।
इस शो में एक युवती मछली जैसी पोशाक पहनकर पानी से भरे टैंक के अंदर करतब दिखा रही थी। दर्शक टैंक के बाहर लगे पारदर्शी शीशे से अंदर का नजारा देख रहे थे। बताया गया कि इस टैंक में करीब 20 हजार लीटर पानी भरा हुआ था।
अचानक टूटा शीशा, पानी और कांच के टुकड़े दर्शकों तक पहुंचे
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, शो सामान्य रूप से चल रहा था। इसी दौरान अचानक तेज आवाज हुई और टैंक का शीशा टूट गया। शीशा टूटते ही पानी तेजी से बाहर फैल गया और कांच के टुकड़े दर्शकों की ओर जा पहुंचे।
टैंक के सामने खड़े कई बच्चे इसकी चपेट में आ गए। कुछ लोगों के सिर और चेहरे पर कांच के टुकड़ों से चोटें आईं। अचानक हुए इस हादसे से मेले में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। लोग खुद को बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।
चार बच्चों समेत 15 लोग घायल
इस हादसे में घायल हुए लोगों में चार बच्चे भी शामिल हैं। घायल बच्चों के नाम अर्श (8), बुरऊ (7), अहद खान (8) और मोहम्मद सादिक (9) हैं। ये सभी खालिदपुर गांव के निवासी बताए गए हैं।
घटना के बाद घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी), फखरपुर ले जाया गया। वहां प्राथमिक उपचार किया गया। गंभीर रूप से घायल दो बच्चों को बेहतर इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया, जबकि अन्य घायलों को उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई।
आयोजक के खिलाफ FIR, पुलिस कर रही तलाश
पुलिस ने मामले में शो के आयोजक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है। टैंक का शीशा किन परिस्थितियों में टूटा और सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए गए थे या नहीं, इसकी जांच की जा रही है।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
मेले में मनोरंजन के लिए लगाए गए इस तरह के बड़े टैंक में हजारों लीटर पानी भरा था। ऐसे में टैंक की मजबूती, शीशे की गुणवत्ता और दर्शकों की सुरक्षा के इंतजाम बेहद जरूरी थे। हादसे के बाद इन व्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि टैंक का शीशा किस वजह से टूटा और इस हादसे के लिए किसकी जिम्मेदारी तय होती है।



