पूर्व DGP फाइल लेकर पहुंचे थे मुख्यमंत्री के पास
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में आयोजित डी-3 त्रिवेणी कार्यक्रम के दौरान बताया कि तत्कालीन पुलिस महानिदेशक (DGP) अपने रिटायरमेंट से कुछ समय पहले उनके पास एक फाइल लेकर पहुंचे थे। फाइल में पुलिस की जमीन पर अवैध कब्जे का मामला था।
योगी आदित्यनाथ के अनुसार, जब उन्हें इस मामले की जानकारी मिली तो उन्होंने कहा कि माफिया के खिलाफ कार्रवाई करना उनका पसंदीदा विषय है। इसके बाद उन्होंने अधिकारियों को मामले की जांच कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
FIR के बाद अगले दिन पहुंचा बुलडोजर
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में बताया कि संबंधित जमीन के मामले में एफआईआर दर्ज कराई गई और इसके बाद अवैध कब्जा हटाने की कार्रवाई शुरू हुई। उन्होंने जमीन का क्षेत्रफल करीब 120 एकड़ बताया और कहा कि यह जमीन एयरपोर्ट से थोड़ी दूरी पर थी।
इस घटना का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी जमीन पर कब्जा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई में देरी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने जमीन के रिकॉर्ड में कथित तौर पर माफिया के नाम दर्ज किए जाने के मामले में संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करने का भी उल्लेख किया।
भू-माफिया के खिलाफ कार्रवाई पर क्या बोले CM योगी?
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश में जमीन पर अवैध कब्जे के मामलों में कार्रवाई जारी रहेगी। उनके मुताबिक, सरकारी संपत्तियों को कब्जे से मुक्त कराना और ऐसे मामलों में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करना जरूरी है।
मुख्यमंत्री के इस बयान का मुख्य संदेश सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे के मामलों में प्रशासनिक कार्रवाई और जवाबदेही पर केंद्रित था।



