तूफान के प्रभाव से तटीय इलाकों में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश हुई। कई स्थानों पर पेड़ उखड़ गए, बिजली के खंभों को नुकसान पहुंचा और निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई।
ओंगोल के पास हुआ लैंडफॉल
IMD के अनुसार, चक्रवात का लैंडफॉल मंगलवार सुबह करीब 3:30 बजे से 5:30 बजे के बीच दक्षिण आंध्र प्रदेश के तट पर पूरा हुआ। ओंगोल के नजदीक कोठापटनम और आसपास के इलाकों में तेज हवाओं और बारिश का सबसे ज्यादा असर देखने को मिला।
विजयवाड़ा के कुछ हिस्सों में भी भारी बारिश के कारण सड़कों पर पानी भर गया, जिससे यातायात प्रभावित हुआ। तटीय क्षेत्रों में समुद्र की स्थिति भी काफी खराब रही।
कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने कृष्णा, गुंटूर, बापटला, पलनाडु, मार्कापुरम और प्रकाशम समेत कई जिलों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। कुछ इलाकों में रेड अलर्ट भी जारी किया गया है।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलें और समुद्र तट तथा जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहें। मछुआरों को भी समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।
हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया
चक्रवात के खतरे को देखते हुए आंध्र प्रदेश प्रशासन ने पहले से ही राहत और बचाव की तैयारियां शुरू कर दी थीं। तटीय और संवेदनशील इलाकों से हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों और राहत शिविरों में पहुंचाया गया। समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, प्रशासन ने करीब 30 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की योजना बनाई थी।
प्रारंभिक रिपोर्टों में पेड़ और बिजली के खंभे गिरने से नुकसान की जानकारी सामने आई है। उस समय तक किसी की मौत या घायल होने की सूचना नहीं थी। हालांकि, नुकसान का आकलन जारी है।
धीरे-धीरे कमजोर पड़ सकता है तूफान
मौसम विभाग के अनुसार, तट पार करने के बाद चक्रवात उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है। इसके धीरे-धीरे कमजोर होकर पहले चक्रवाती तूफान और फिर गहरे दबाव के क्षेत्र में बदलने की संभावना है। हालांकि, इसके कमजोर पड़ने तक कई इलाकों में तेज हवाओं और भारी बारिश का खतरा बना रह सकता है।
प्रशासन और मौसम विभाग स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। लोगों को सलाह दी गई है कि वे मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन की आधिकारिक चेतावनियों का पालन करें।



