पीतमपुरा में कॉकरोच का पुतला जलाने पर विवाद
पीतमपुरा में श्री केशव रामलीला कमेटी की ओर से रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के साथ 30 फीट ऊंचे कॉकरोच का पुतला जलाया गया। आयोजकों के अनुसार, कॉकरोच गंदगी और अस्वच्छता का प्रतीक था। इस पहल के जरिए लोगों को अपने घरों, आसपास के इलाकों और समाज में सफाई बनाए रखने का संदेश देने की बात कही गई।
हालांकि, आयोजन के बाद इस पर विवाद भी शुरू हो गया। आम आदमी पार्टी की दिल्ली इकाई के प्रमुख सौरभ भारद्वाज ने आयोजन को लेकर उपराज्यपाल और दिल्ली पुलिस आयुक्त से शिकायत की। उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह के आयोजन से धार्मिक भावनाएं आहत हो सकती हैं और संबंधित आयोजकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की।
इस मामले में आयोजकों ने सफाई और स्वच्छता का संदेश देने की बात कही है। शिकायत दर्ज होने और आरोप लगाए जाने का अर्थ यह नहीं है कि किसी व्यक्ति या आयोजक के खिलाफ आरोप न्यायिक रूप से साबित हो चुके हैं।
द्वारका में विशाल रावण का दहन
दिल्ली के द्वारका सेक्टर-10 में आयोजित दशहरा समारोह में 221 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन प्रमुख आकर्षण रहा। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने समारोह में हिस्सा लिया और राम, लक्ष्मण तथा सीता की आरती करने के बाद प्रतीकात्मक रूप से तीर चलाकर रावण दहन किया। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता भी कार्यक्रम में मौजूद रहीं।
प्रधानमंत्री मोदी भी दशहरा समारोह में शामिल हुए
पूर्वी दिल्ली के आईपी एक्सटेंशन स्थित इंद्रप्रस्थ रामलीला मैदान में आयोजित विजयादशमी समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शामिल हुए। कार्यक्रम में उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन, उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी मौजूद रहे।
लाल किला मैदान में आयोजित लव कुश रामलीला में भी बड़ी संख्या में लोग रावण दहन देखने पहुंचे। यहां रावण के पुतले के जरिए वायु प्रदूषण और ट्रैफिक जाम जैसी समस्याओं की ओर ध्यान आकर्षित करने का संदेश दिया गया।
नकली दवाओं और महंगाई को भी बताया आज का रावण
इस साल दिल्ली के कुछ दशहरा आयोजनों में सामाजिक समस्याओं को प्रतीकात्मक पुतलों के रूप में दिखाया गया। आईपी एक्सटेंशन में नकली दवाओं और अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) से जुड़ी उपभोक्ता समस्याओं को एक अतिरिक्त पुतले के जरिए दर्शाया गया।
आयोजकों का कहना था कि दशहरा केवल पुतला दहन तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज में मौजूद बुराइयों को पहचानने और उन्हें दूर करने का भी संदेश देता है।
दशहरे का संदेश
दशहरा भगवान श्रीराम की रावण पर विजय और बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। इस बार दिल्ली के विभिन्न आयोजनों में पारंपरिक धार्मिक उत्सव के साथ स्वच्छता, प्रदूषण, उपभोक्ता सुरक्षा और महिलाओं की सुरक्षा जैसे मुद्दों पर भी ध्यान आकर्षित किया गया।
पीतमपुरा में कॉकरोच के पुतले को लेकर उठे विवाद ने यह सवाल भी खड़ा किया कि धार्मिक आयोजनों में सामाजिक संदेश किस तरह प्रस्तुत किए जाने चाहिए, ताकि त्योहार की परंपरा और लोगों की भावनाओं का सम्मान बना रहे।



