इस पहल का उद्देश्य लोगों को निजी वाहनों के बजाय मेट्रो से सफर करने के लिए प्रोत्साहित करना है, ताकि सड़कों पर वाहनों का दबाव कम करने और प्रदूषण पर नियंत्रण के प्रयासों को मदद मिल सके।
निर्माण स्थलों पर भी बढ़ाए जाएंगे उपाय
अतिरिक्त ट्रेन सेवाओं के साथ DMRC अपने निर्माण स्थलों और आसपास के क्षेत्रों में धूल नियंत्रण के उपाय भी तेज करेगा। इसके तहत सड़कों की सफाई, निर्माण स्थलों पर धूल कम करने और निर्माण सामग्री से उड़ने वाली धूल को रोकने पर ध्यान दिया जाएगा।
DMRC की ओर से निर्माण स्थलों और मेट्रो परिसरों में एंटी-स्मॉग गन तथा मिस्ट गन जैसे उपकरणों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। इन उपायों का मकसद निर्माण गतिविधियों से होने वाले धूल प्रदूषण को कम करना है।
यात्रियों से सार्वजनिक परिवहन अपनाने की अपील
दिल्ली में प्रदूषण की स्थिति को देखते हुए सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मेट्रो की अतिरिक्त सेवाओं से यात्रियों को सफर के लिए एक और विकल्प मिलेगा। हालांकि, अतिरिक्त ट्रिप के रूट और समय का विस्तृत शेड्यूल उपलब्ध रिपोर्ट में स्पष्ट नहीं किया गया है।
दिल्ली-NCR में प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए पहले से लागू उपायों के बीच मेट्रो की यह पहल सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।



