दिल्ली-NCR में सर्दियों की शुरुआत के साथ ही वायु प्रदूषण तेजी से बढ़ने लगा है। राजधानी दिल्ली की हवा सोमवार को इस सीजन में पहली बार 'बहुत खराब' (Very Poor) श्रेणी में पहुंच गई। हालात को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने 2 नवंबर से पूरे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) का दूसरा चरण तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया है।

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के अनुसार, 2 नवंबर को शाम 4 बजे दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 324 दर्ज किया गया। इससे पहले 31 अक्टूबर को AQI 117 था, जो 1 नवंबर को बढ़कर 261 पहुंच गया था। महज दो दिनों में प्रदूषण के स्तर में तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई।

CAQM के मुताबिक, प्रतिकूल मौसम की स्थिति के कारण प्रदूषक तत्व वातावरण में जमा हो रहे हैं। मौसम विभाग (IMD) और भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान (IITM) के पूर्वानुमान में आने वाले दिनों में भी हवा की गुणवत्ता बहुत खराब रहने की आशंका जताई गई है।

दिल्ली के कई इलाकों में AQI 400 के पार

दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में प्रदूषण का स्तर राजधानी के औसत से भी ज्यादा दर्ज किया गया। 2 नवंबर को शाम 4 बजे के आंकड़ों के अनुसार, जहांगीरपुरी में AQI 436, रोहिणी में 415 और पंजाबी बाग में 413 दर्ज किया गया। ये तीनों स्टेशन गंभीर (Severe) प्रदूषण की श्रेणी में थे।

दिल्ली के 58 निगरानी केंद्रों के उपलब्ध आंकड़ों में 37 केंद्रों पर हवा बहुत खराब श्रेणी में दर्ज की गई। प्रदूषण में PM2.5 कणों की भी प्रमुख भूमिका रही। ये बेहद छोटे कण सांस के जरिए फेफड़ों के अंदर तक पहुंच सकते हैं और स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा सकते हैं।

GRAP-2 लागू होने के बाद क्या-क्या बदलेगा?

GRAP-2 लागू होने के बाद दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद सहित पूरे NCR में प्रदूषण कम करने के लिए अतिरिक्त कदम उठाए जाएंगे।

1. सड़कों की सफाई और पानी का छिड़काव

प्रमुख सड़कों पर रोजाना मैकेनिकल और वैक्यूम स्वीपिंग की जाएगी। धूल को उड़ने से रोकने के लिए पानी और डस्ट सप्रेसेंट का छिड़काव किया जाएगा। जरूरत के अनुसार एंटी-स्मॉग गन का भी इस्तेमाल होगा।

2. पार्किंग शुल्क बढ़ाने की तैयारी

निजी वाहनों का इस्तेमाल कम करने के उद्देश्य से अधिकृत पार्किंग स्थलों पर पार्किंग शुल्क बढ़ाया जाएगा। लोगों को सार्वजनिक परिवहन का ज्यादा इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।

3. ट्रैफिक व्यवस्था पर विशेष ध्यान

भीड़भाड़ वाले चौराहों और सड़कों पर ट्रैफिक पुलिस की तैनाती बढ़ाई जाएगी, ताकि जाम की स्थिति कम हो और वाहनों से निकलने वाला प्रदूषण नियंत्रित किया जा सके।

4. निर्माण स्थलों पर जांच तेज

निर्माण और तोड़फोड़ वाली जगहों पर धूल नियंत्रण के नियमों का पालन कराया जाएगा। प्रदूषण वाले हॉटस्पॉट क्षेत्रों में विशेष निरीक्षण किए जाएंगे। खुले में कचरा और बायोमास जलाने पर रोक लगाने के लिए भी कार्रवाई तेज होगी।

5. होटल और रेस्टोरेंट में कोयले-लकड़ी पर रोक

होटल, रेस्टोरेंट और सड़क किनारे खाने-पीने की दुकानों में तंदूर के लिए कोयले और लकड़ी के इस्तेमाल पर रोक रहेगी। इसके स्थान पर बिजली या गैस आधारित उपकरणों का इस्तेमाल करना होगा।

6. सरकारी कार्यालयों के समय में बदलाव

दिल्ली सरकार और NCR की राज्य सरकारों को सरकारी कार्यालयों तथा नगर निकायों के कामकाज का समय अलग-अलग रखने (Staggered Timings) पर कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं। दिल्ली के अलावा गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद और गौतमबुद्ध नगर के सरकारी और नगर निकाय कार्यालय इसके दायरे में हैं।

दिल्ली मेट्रो चलाएगी 20 अतिरिक्त फेरे

प्रदूषण के बीच लोगों को निजी वाहनों की जगह सार्वजनिक परिवहन अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) ने 3 नवंबर से सप्ताह के कार्यदिवसों में 20 अतिरिक्त ट्रेन फेरे चलाने का फैसला किया है।


इससे दिल्ली मेट्रो के नेटवर्क पर चलने वाले अतिरिक्त दैनिक फेरों की संख्या बढ़कर 40 हो जाएगी। इसका उद्देश्य यात्रियों को मेट्रो की सुविधा देकर सड़कों पर निजी वाहनों का दबाव कम करना है।

निर्माण कार्यों पर 5 नवंबर से 15 दिन की रोक

दिल्ली-NCR में प्रदूषण नियंत्रण के लिए केंद्र सरकार ने एक अलग आदेश के तहत 5 नवंबर से 20 नवंबर 2026 तक पूरे NCR में निर्माण और तोड़फोड़ की गतिविधियों पर पूर्ण रोक लगाने की घोषणा की है।

यह आदेश GRAP-2 से अलग है। इसके अलावा धूल पैदा करने वाले निर्माण कार्यों पर सर्दियों के लिए पहले से भी पाबंदियां लागू हैं। आवश्यक सार्वजनिक बुनियादी ढांचे और आपातकालीन परियोजनाओं को संबंधित नियमों के तहत छूट मिल सकती है।

वाहन चालकों के लिए भी जरूरी नियम

दिल्ली में 1 नवंबर से लागू शीतकालीन प्रदूषण नियंत्रण व्यवस्था के तहत दिल्ली के बाहर पंजीकृत BS-VI से नीचे के वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध है। हालांकि CNG, इलेक्ट्रिक वाहनों और निर्धारित छूट वाली श्रेणियों को राहत दी गई है।

इसके अलावा 'नो PUC, नो फ्यूल' व्यवस्था के तहत वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUC) के बिना ईंधन नहीं दिया जाना है। यह वाहन संबंधी नियम अलग शीतकालीन व्यवस्था का हिस्सा हैं, इन्हें केवल GRAP-2 का नया आदेश समझना सही नहीं होगा।

बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी की सलाह

प्रदूषण बढ़ने के साथ बच्चों, बुजुर्गों और सांस संबंधी परेशानी वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। सुबह और देर शाम बाहर की गतिविधियां सीमित रखना, अधिक प्रदूषण वाले इलाकों से बचना और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह लेना उपयोगी हो सकता है।

फिलहाल CAQM, CPCB और मौसम विभाग की नजर दिल्ली-NCR की वायु गुणवत्ता पर बनी हुई है। आने वाले दिनों में AQI में सुधार होता है या प्रदूषण और बढ़ता है, इसके आधार पर आगे के प्रतिबंधों पर फैसला लिया जा सकता है।