ऐसे में रेलवे ने यात्रियों को राहत देने के लिए बड़ा प्लान बनाया है। कई रूट पर स्पेशल ट्रेनें चलाने का इंतजाम किया गया है। दिवाली और छठ के आसपास इन ट्रेनों के एक हजार से ज्यादा फेरे होंगे। उत्तर मध्य रेलवे की योजना के मुताबिक, 1 अक्टूबर से 30 नवंबर 2026 के बीच 43 जोड़ी स्पेशल ट्रेनें अलग-अलग रूट पर चलेंगी। इन ट्रेनों के कुल 1,053 फेरे होंगे। जरूरत के हिसाब से आगे और ट्रेनें भी जोड़ी जा सकती हैं। दूसरे जोन भी अपने-अपने रूट पर स्पेशल ट्रेनें चला रहे हैं।
कहां-कहां चलेंगी स्पेशल ट्रेनें
इस साल दिवाली 8 नवंबर को है, जबकि छठ पर्व 15 नवंबर को मनाई जाएगी। त्योहारों के आसपास बड़ी संख्या में लोग दिल्ली, मुंबई, पुणे और दूसरे शहरों से अपने घर लौटते हैं। इसे देखते हुए स्पेशल ट्रेनों का दायरा सिर्फ एक-दो रूट तक सीमित नहीं रखा गया है। दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, गुजरात, महाराष्ट्र और दक्षिण भारत को जोड़ने वाले कई रूट पर अतिरिक्त ट्रेनें चलाई जा रही हैं। प्रयागराज से उधना और साबरमती, कानपुर से कोलकाता और गुवाहाटी, झांसी से बांद्रा, वाराणसी से दिल्ली और चंडीगढ़ जैसे रूट पर भी यात्रियों को अतिरिक्त विकल्प मिलेंगे।
मध्य रेलवे ने भी मुंबई से उत्तर भारत जाने वाले यात्रियों के लिए कई स्पेशल सेवाएं घोषित की हैं। इनमें लोकमान्य तिलक टर्मिनस से वाराणसी और सुल्तानपुर के लिए अतिरिक्त फेरे शामिल हैं।
बिहार के इन रूटों पर चलेंगी स्पेशल ट्रेनें
दिवाली और छठ पर सबसे ज्यादा दबाव बिहार जाने वाली ट्रेनों में रहता है। दिल्ली, चंडीगढ़, मुंबई और दूसरे शहरों से पटना, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, जोगबनी, कटिहार और दूसरे शहरों के लिए यात्रियों की भीड़ बढ़ जाती है। इस बार इन रूट पर भी कई स्पेशल ट्रेनें चलाई जा रही हैं।
चंडीगढ़-पटना और फिरोजपुर कैंट-पटना के बीच स्पेशल ट्रेनें चलेंगी। इसके अलावा मदार जंक्शन से पटना, सियालदह से पटना, आनंद विहार से जोगबनी और कोलकाता से रक्सौल के बीच भी अतिरिक्त ट्रेनें शामिल हैं।
बिहार के दूसरे शहरों के लिए भी विकल्प हैं। नई दिल्ली-दरभंगा स्पेशल ट्रेन 10 अक्टूबर से 25 नवंबर के बीच चलाने की योजना है। यह ट्रेन समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर, मोतिहारी, बेतिया और नरकटियागंज जैसे स्टेशनों से होकर जाएगी। वहीं रक्सौल-मुंबई रूट पर भी स्पेशल ट्रेन की घोषणा की गई है।
यानी अगर आपकी नियमित ट्रेन में टिकट नहीं मिल रहा है, तो सिर्फ पटना ही नहीं, बल्कि अपने नजदीकी स्टेशन तक जाने वाली स्पेशल ट्रेन भी देख सकते हैं। इससे त्योहार के समय घर पहुंचने के लिए एक और विकल्प मिल सकता है।
यूपी से बंगाल और दक्षिण भारत तक विकल्प
यूपी जाने वाले यात्रियों के लिए नई दिल्ली-कानपुर, आनंद विहार-कानपुर, वाराणसी-दिल्ली और वाराणसी-चंडीगढ़ के बीच स्पेशल ट्रेनें चलाई जा रही हैं। इसके अलावा प्रयागराज, झांसी और आगरा से भी अलग-अलग शहरों के लिए अतिरिक्त ट्रेनें चलेंगी। वहीं गुजरात और महाराष्ट्र की तरफ जाने वाले यात्रियों के लिए भी कई अतिरिक्त सेवाएं घोषित की गई हैं। इससे त्योहार के दिनों में लंबी वेटिंग वाले रूट पर यात्रियों को एक और विकल्प मिल सकेगा।
दक्षिण भारत जाने वालों के लिए कानपुर-मदुरै, प्रयागराज-कन्याकुमारी, कानपुर-बेंगलुरु और सूबेदारगंज-यशवंतपुर जैसे रूट शामिल हैं। वहीं कानपुर-गुवाहाटी के बीच भी स्पेशल ट्रेन चलेगी।
त्योहारों के दौरान भीड़ बढ़ने की वजह से सभी स्पेशल ट्रेनों का शेड्यूल एक जैसा नहीं है। कुछ ट्रेनें हफ्ते में एक-दो दिन चलेंगी, जबकि कुछ के ज्यादा फेरे रखे गए हैं। कई ट्रेनों की सेवा भी तय अवधि तक ही रहेगी। इसलिए टिकट बुक करने से पहले अपने रूट की स्पेशल ट्रेन की तारीख, चलने के दिन और सीट की उपलब्धता जरूर जांच लें। अगर सामान्य ट्रेन में टिकट नहीं मिल रहा है, तो उसी रूट पर चलने वाली स्पेशल ट्रेन में सीट उपलब्ध है या नहीं, यह भी जरूर देख लें। वैसे रेलवे अलग-अलग रूट पर यात्रियों की मांग और वेटिंग पर नजर रख रहा है और जरूरत पड़ी तो स्पेशल ट्रेनों की संख्या और बढ़ाई जा सकती है।