नई दिल्ली: मंगलवार, 13 अक्टूबर को नई दिल्ली में पहली बार BIMSTEC देशों के गृह मंत्रियों की बैठक की मेजबानी कर रहा है। इस बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह करेंगे। इसका मुख्य उद्देश्य क्षेत्रीय सुरक्षा को मजबूत करना और आतंकवाद समेत दूसरे अपराधों से निपटने के लिए सदस्य देशों के बीच सहयोग बढ़ाना है।

अमित शाह ने क्या कहा?

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 12 अक्टूबर को X पर पोस्ट कर कहा कि भारत 13 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में पहली BIMSTEC गृह मंत्रियों की बैठक की मेजबानी करने को लेकर सम्मानित महसूस कर रहा है। उन्होंने सदस्य देशों के गृह मंत्रियों और प्रतिनिधिमंडलों का स्वागत किया।


अमित शाह ने इस बैठक को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह आतंकवाद और सीमा-पार अपराधों से मुकाबला करने के साझा संकल्प को मजबूत करती है।

आतंकवाद और साइबर अपराध पर होगी चर्चा

गृह मंत्री अमित शाह ने इस बैठक को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि BIMSTEC देशों को आतंकवाद, सीमा पार संगठित अपराध, नशीले पदार्थों की तस्करी, कट्टरपंथ और साइबर खतरों से मिलकर मुकाबला करना होगा।

बैठक में इन चुनौतियों से निपटने के लिए आपसी तालमेल बढ़ाने और सुरक्षा एजेंसियों के बीच सहयोग मजबूत करने पर जोर रहेगा। मानव तस्करी, अवैध वित्तीय लेन-देन और दूसरे संगठित अपराध भी चर्चा के अहम विषय हो सकते हैं।

आज के समय में साइबर अपराध और सीमा पार सक्रिय आपराधिक नेटवर्क कई देशों के लिए चुनौती बने हुए हैं। ऐसे में सदस्य देशों के बीच जानकारी साझा करना और समन्वय बढ़ाना महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

क्या है BIMSTEC और कौन-कौन से देश हैं शामिल?

BIMSTEC का पूरा नाम ‘बे ऑफ बंगाल इनिशिएटिव फॉर मल्टी-सेक्टरल टेक्निकल एंड इकोनॉमिक कोऑपरेशन’ है। यह बंगाल की खाड़ी के आसपास के देशों का एक क्षेत्रीय संगठन है।

इसमें भारत, बांग्लादेश, भूटान, म्यांमार, नेपाल, श्रीलंका और थाईलैंड समेत सात देश शामिल हैं। संगठन का उद्देश्य सदस्य देशों के बीच आर्थिक और तकनीकी सहयोग को बढ़ावा देना है।

BIMSTEC के तहत कृषि, ऊर्जा, स्वास्थ्य, पर्यावरण, आपदा प्रबंधन, परिवहन संपर्क और मानव संसाधन विकास जैसे क्षेत्रों में भी सहयोग किया जाता है।

 जुलाई में भी हुई थी सुरक्षा प्रमुखों की बैठक

इससे पहले जुलाई 2026 में नई दिल्ली में BIMSTEC देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा प्रमुखों की पांचवीं बैठक हुई थी। इसमें आतंकवाद और संगठित अपराध के अलावा साइबर सुरक्षा, समुद्री सुरक्षा, ऊर्जा सुरक्षा और आपदा प्रबंधन जैसे मुद्दों पर चर्चा की गई थी।

उस बैठक में समुद्री क्षेत्र में मानवीय सहायता और आपदा राहत से जुड़े दिशा-निर्देशों को भी अपनाया गया था। समुद्र में कानून लागू करने वाली एजेंसियों के बीच सहयोग बढ़ाने के लिए मार्गदर्शक सिद्धांतों को मंजूरी दिए जाने की जानकारी भी सामने आई थी।

क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए क्यों अहम है बैठक?

BIMSTEC देशों के बीच बेहतर तालमेल से आतंकवाद, नशीले पदार्थों की तस्करी, मानव तस्करी और साइबर अपराध जैसी चुनौतियों से निपटने में मदद मिल सकती है। अब इस बैठक में हुई चर्चाओं के बाद यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सदस्य देश सुरक्षा सहयोग को मजबूत करने के लिए कौन से ठोस कदम उठाते हैं।