रात करीब 1:30 बजे हुआ दर्दनाक हादसा
मध्य प्रदेश के ग्वालियर में रविवार, 18 अक्टूबर 2026 की तड़के शीतला माता मंदिर के पास एक बड़ा सड़क हादसा हुआ। नवरात्रि के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर में दर्शन के लिए जा रहे थे। इसी दौरान धान से लदा एक ट्रक अनियंत्रित होकर श्रद्धालुओं की भीड़ में घुस गया।
ग्वालियर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह के अनुसार, ट्रक चीनौर की तरफ से आ रहा था। मंदिर मार्ग पर ढलान होने के कारण वाहन अनियंत्रित हो गया और पुलिस बैरिकेड पार करने के बाद मंदिर के प्रवेश द्वार तथा बाहरी दीवार से टकरा गया।
15 लोगों की मौत, कई घायल
18 अक्टूबर की सुबह की रिपोर्टों के अनुसार, हादसे में 15 लोगों की मौत हुई है। शुरुआती पुलिस जानकारी में करीब 39 लोगों को अस्पताल पहुंचाए जाने की बात कही गई थी। घायलों में दो पुलिसकर्मी भी शामिल बताए गए हैं।
घायलों को अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। कुछ लोगों की हालत गंभीर बताई गई है। मृतकों की अंतिम संख्या और घायलों की मौजूदा स्थिति के लिए जिला प्रशासन के नवीनतम बयान को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुआवजे का ऐलान किया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हादसे पर दुख जताते हुए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से मृतकों के परिजनों को ₹2 लाख और घायलों को ₹50,000 की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है।
प्रधानमंत्री ने शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना जताई और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी घोषित की आर्थिक सहायता
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मृतकों के परिवारों को ₹4 लाख, गंभीर रूप से घायलों को ₹2 लाख और अन्य घायलों को ₹50,000 की आर्थिक सहायता देने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने यह भी कहा है कि सभी घायलों का इलाज मुफ्त कराया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और संबंधित मंत्रियों को ग्वालियर पहुंचकर स्थिति का जायजा लेने के निर्देश दिए।
प्रतिबंधित मार्ग पर ट्रक कैसे पहुंचा?
हादसे के बाद यह सवाल उठ रहा है कि नवरात्रि के दौरान भारी वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित होने के बावजूद ट्रक पुलिस बैरिकेड पार करके मंदिर मार्ग पर कैसे पहुंचा। पुलिस के मुताबिक, ट्रक के अनियंत्रित होने और दुर्घटना की परिस्थितियों की जांच की जा रही है।
वाहन की तकनीकी स्थिति, मार्ग पर सुरक्षा इंतजाम और यातायात नियंत्रण से जुड़े पहलुओं की जांच के बाद ही हादसे की पूरी वजह स्पष्ट हो सकेगी।



