हरियाणा में करीब 40 हजार बिजली कर्मचारी और इंजीनियर तीन दिवसीय हड़ताल पर हैं। हड़ताल के कारण गुरुग्राम, फरीदाबाद, नूंह और सोनीपत समेत कई जिलों में बिजली आपूर्ति प्रभावित होने की खबर है। कई इलाकों में लंबे समय तक बिजली नहीं रहने से पेयजल सप्लाई, औद्योगिक गतिविधियों और आम लोगों की दिनचर्या पर असर पड़ा है।

निजी कंपनी को लाइसेंस देने के विरोध में हड़ताल

बिजली कर्मचारियों की हड़ताल 22 से 24 अक्टूबर तक प्रस्तावित है। कर्मचारी संगठन गुरुग्राम और नूंह में बिजली वितरण के लिए निजी कंपनी को 25 साल का समानांतर लाइसेंस दिए जाने का विरोध कर रहे हैं। कर्मचारियों का कहना है कि इस व्यवस्था से सरकारी बिजली वितरण निगमों की आय और कर्मचारियों के रोजगार पर असर पड़ सकता है।

यह लाइसेंस हरियाणा विद्युत नियामक आयोग (HERC) के 19 अक्टूबर के आदेश से जुड़ा है। कर्मचारी संगठन इस फैसले को वापस लेने और बिजली वितरण व्यवस्था में निजीकरण की आशंकाओं को दूर करने की मांग कर रहे हैं।

बिजली कटौती से पानी और उद्योगों पर असर

हड़ताल के बीच कई क्षेत्रों से लंबे समय तक बिजली गुल रहने की शिकायतें सामने आई हैं। गुरुग्राम में 12 घंटे के भीतर बिजली से जुड़ी 3,000 से अधिक शिकायतें मिलने की रिपोर्ट है। नूंह के कुछ इलाकों में भी लगभग 24 घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित रहने की खबर सामने आई।

बिजली नहीं होने से घरों में पानी की मोटर और पंप चलाने में परेशानी हुई है। औद्योगिक क्षेत्रों में मशीनें बंद रहने और उत्पादन प्रभावित होने की भी खबरें हैं। कुछ स्थानों पर बिजली कटौती से नाराज लोगों ने सड़क जाम कर विरोध जताया।

हालांकि, बिजली आपूर्ति की स्थिति हर जिले और इलाके में अलग-अलग हो सकती है। इसलिए उपभोक्ताओं को अपने क्षेत्र की ताजा स्थिति स्थानीय बिजली निगम या प्रशासन से पता करनी चाहिए।

सरकार ने कर्मचारियों से काम पर लौटने की अपील की

हड़ताल के मद्देनजर जिला प्रशासन बिजली सेवाएं चालू रखने के लिए वैकल्पिक व्यवस्थाएं कर रहा है। कुरुक्षेत्र प्रशासन ने बिजली घरों और सब-स्टेशनों पर तकनीकी कर्मचारियों की ड्यूटी लगाने तथा शिकायतों के लिए कंट्रोल रूम की व्यवस्था करने की जानकारी दी है।

दूसरी ओर, हरियाणा के ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने कर्मचारियों से हड़ताल समाप्त कर कानूनी लड़ाई में सरकार का साथ देने की अपील की है। रिपोर्टों के अनुसार, सरकार ने नियामक आयोग के फैसले को चुनौती देने के लिए अपीलीय विद्युत न्यायाधिकरण (APTEL) का रुख किया है।



24 अक्टूबर तक जारी रह सकती है हड़ताल

कर्मचारी संगठनों ने अपनी मांगों को लेकर 24 अक्टूबर तक हड़ताल का आह्वान किया है। आगे बिजली आपूर्ति की स्थिति इस बात पर निर्भर करेगी कि कर्मचारियों और सरकार के बीच बातचीत से कोई समाधान निकलता है या नहीं।

फिलहाल लोगों की सबसे बड़ी चिंता बिजली और पेयजल की नियमित आपूर्ति है। उपभोक्ताओं को बिजली संबंधी शिकायतों के लिए अपने संबंधित बिजली निगम की हेल्पलाइन पर संपर्क करना चाहिए।