नई दिल्ली: मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर इंडिया ब्लॉक के नेता आज सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकालेंगे । विपक्ष की योजना मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत को ज्ञापन सौंपने की थी, लेकिन CJI ने राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे से मुलाकात का अनुरोध ठुकरा दिया है। उन्होंने विपक्ष को अपनी मांगें न्यायिक प्रक्रिया के तहत अदालत में रखने को कहा है। वहीं, कांग्रेस ने मार्च को राजनीतिक दलों के प्रदर्शन के बजाय लोकतंत्र से जुड़े व्यापक विरोध के रूप में पेश करने की तैयारी की है।

दोपहर 1:30 बजे बाराखंबा रोड पर जुटेंगे विपक्षी नेता

INDIA गठबंधन ने अपने मार्च को ‘चलो दिल्ली-मार्च फॉर डेमोक्रेसी’ नाम दिया है। कांग्रेस के मुताबिक, विपक्षी नेता और कार्यकर्ता दोपहर 1:30 बजे कनॉट प्लेस-बाराखंबा रोड पर जुटेंगे। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट की ओर मार्च करेंगे ।

इस प्रदर्शन के जरिए विपक्ष मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे, कथित वोट चोरी और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर अपनी मांगें उठाएगा । राहुल गांधी ने वीडियो संदेश जारी कर युवाओं, सामाजिक संगठनों और लोकतंत्र में विश्वास रखने वाले लोगों से मार्च में शामिल होने की अपील की है।

पार्टी के झंडों की जगह तिरंगे पर जोर

इस बारे में मिल रही खबर के मुताबिक, कांग्रेस ने INDIA गठबंधन के नेताओं और कार्यकर्ताओं से मार्च में पार्टी के झंडों के बजाय तिरंगा लेकर शामिल होने को कहा है। पार्टी की कोशिश है कि प्रदर्शन किसी एक राजनीतिक दल का कार्यक्रम न लगे, बल्कि लोकतंत्र और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े सवालों पर व्यापक विरोध के रूप में सामने आए।

कांग्रेस चाहती है कि मार्च में छात्र, युवा, वकील और सामाजिक संगठनों के लोग भी शामिल हों। पिछले प्रदर्शनों में राजनीतिक दलों के झंडे अधिक दिखाई देने के बाद गठबंधन ने अपनी रणनीति में बदलाव किया है।


CJI ने राहुल-खड़गे को मिलने का समय नहीं दिया

राहुल गांधी और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने CJI सूर्यकांत से 12 अक्टूबर को शाम 4 से 5 बजे के बीच मुलाकात का समय मांगा था। वे ज्ञापन सौंपकर कथित वोट चोरी रोकने, ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे, SIR पर रोक और बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग रखना चाहते थे।

CJI ने मुलाकात का अनुरोध स्वीकार नहीं किया। रिपोर्टों के मुताबिक, उनके जवाब में कहा गया कि संबंधित मुद्दे पहले से अदालत में विचाराधीन हैं और सुप्रीम कोर्ट प्रशासनिक स्तर पर ज्ञापन के आधार पर सरकार को निर्देश नहीं दे सकता। विपक्ष के नेता न्यायिक प्रक्रिया के तहत याचिका दाखिल कर सकते हैं। ऐसी याचिका पर अदालत कानून के मुताबिक विचार कर सकती है।

CJI सूर्यकांत ने सोमवार को यह भी कहा कि सुप्रीम कोर्ट को राजनीति में नहीं घसीटना चाहिए। उन्होंने अदालत के कामकाज में बाधा नहीं आने देने पर जोर दिया। वकीलों, कर्मचारियों और मुकदमों से जुड़े लोगों की आवाजाही प्रभावित नहीं होनी चाहिए। यह टिप्पणी दिल्ली में चल रहे विरोध-प्रदर्शनों के बीच आई। 

प्रदर्शन को देखते हुए कई मेट्रो स्टेशन बंद

दिल्ली में प्रदर्शन को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है। दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) ने 12 अक्टूबर को सुबह 6 बजे से शाम 4 बजे तक छह स्टेशनों पर प्रवेश और निकास बंद रखने की घोषणा की है।

इनमें पटेल चौक, जनपथ, राजीव चौक, मंडी हाउस, केंद्रीय सचिवालय और बाराखंबा रोड मेट्रो स्टेशन शामिल हैं। हालांकि, प्रभावित इंटरचेंज स्टेशनों पर यात्रियों को मेट्रो लाइन बदलने की सुविधा उपलब्ध रहेगी। सुरक्षा एजेंसियां स्थिति की समीक्षा करेंगी और जरूरत के मुताबिक आगे के अपडेट जारी किए जा सकते हैं। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने भी प्रदर्शन के मद्देनजर यातायात व्यवस्था में बदलाव किए हैं।