भारत में वस्तु एवं सेवा कर (GST) संग्रह के मोर्चे पर अक्टूबर महीने में शानदार बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वित्त मंत्रालय के अनंतिम आंकड़ों के अनुसार, अक्टूबर 2026 में देश का कुल ग्रॉस GST कलेक्शन 2.31 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गया। पिछले साल अक्टूबर में यह आंकड़ा 1.88 लाख करोड़ रुपये था। इस तरह सालाना आधार पर GST संग्रह में 22.9 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।

सरकार के इन आंकड़ों को देश में आर्थिक गतिविधियों, घरेलू कारोबार और आयात से जुड़े टैक्स राजस्व में बढ़ोतरी के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

अक्टूबर में कितना हुआ GST कलेक्शन?

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, अक्टूबर 2026 में कुल ग्रॉस GST कलेक्शन 2,31,290 करोड़ रुपये रहा। वहीं अक्टूबर 2025 में यह 1,88,125 करोड़ रुपये था।

इस दौरान घरेलू बिक्री से प्राप्त GST राजस्व में 15.8 प्रतिशत की वृद्धि हुई और यह बढ़कर 1,59,044 करोड़ रुपये पहुंच गया। दूसरी तरफ आयात से मिलने वाले GST राजस्व में 42.2 प्रतिशत की बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई। आयात से कुल 72,246 करोड़ रुपये का GST प्राप्त हुआ।

रिफंड के बाद 2.03 लाख करोड़ रुपये रहा नेट कलेक्शन

अक्टूबर महीने में सरकार ने कुल 27,934 करोड़ रुपये का GST रिफंड जारी किया। पिछले साल इसी महीने में 26,225 करोड़ रुपये का रिफंड दिया गया था।

रिफंड की राशि घटाने के बाद अक्टूबर 2026 का नेट GST कलेक्शन 2,03,356 करोड़ रुपये रहा। अक्टूबर 2025 में यह 1,61,900 करोड़ रुपये था। इस तरह नेट GST संग्रह में सालाना आधार पर 25.6 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

CGST, SGST और IGST से कितना मिला राजस्व?

अक्टूबर महीने के कुल GST संग्रह में अलग-अलग कर श्रेणियों का योगदान इस प्रकार रहा:

CGST: 42,935 करोड़ रुपये
SGST: 51,340 करोड़ रुपये
IGST: 1,37,015 करोड़ रुपये
कुल ग्रॉस GST: 2,31,290 करोड़ रुपये

बिहार और उत्तर प्रदेश में भी GST संग्रह बढ़ा

अक्टूबर महीने में कई राज्यों ने GST संग्रह में अच्छी वृद्धि दर्ज की। बिहार में घरेलू GST राजस्व में पिछले साल के मुकाबले 24 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई और यह 1,827 करोड़ रुपये रहा।

वहीं उत्तर प्रदेश में GST संग्रह 24 प्रतिशत बढ़कर 10,235 करोड़ रुपये पहुंच गया। दिल्ली में भी 10 प्रतिशत की वृद्धि के साथ GST संग्रह 9,298 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।

इसके अलावा महाराष्ट्र में 13 प्रतिशत, गुजरात में 16 प्रतिशत, कर्नाटक में 18 प्रतिशत और असम में 47 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।

चालू वित्त वर्ष में भी GST संग्रह में बढ़ोतरी

वित्त वर्ष 2026-27 के पहले सात महीनों यानी अप्रैल से अक्टूबर तक कुल ग्रॉस GST कलेक्शन 14.77 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में यह 13.05 लाख करोड़ रुपये था। इस तरह इसमें 13.2 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।

वहीं इसी अवधि में रिफंड घटाने के बाद नेट GST कलेक्शन 12.69 लाख करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल की तुलना में 12.6 प्रतिशत अधिक है।

क्या संकेत देते हैं GST के ये आंकड़े?

GST संग्रह में हुई बढ़ोतरी से देश में कारोबार और आर्थिक गतिविधियों में तेजी के संकेत मिलते हैं। खासकर घरेलू बिक्री और आयात से मिलने वाले राजस्व में बढ़ोतरी ने कुल संग्रह को ऊपर पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

हालांकि, केवल GST संग्रह के आधार पर पूरी अर्थव्यवस्था की स्थिति का आकलन नहीं किया जा सकता। इसके लिए औद्योगिक उत्पादन, महंगाई, रोजगार, उपभोक्ता मांग और अन्य आर्थिक आंकड़ों को भी देखना जरूरी है।

फिलहाल अक्टूबर के GST आंकड़े केंद्र और राज्य सरकारों के लिए राजस्व के लिहाज से सकारात्मक संकेत लेकर आए हैं।