हिंसक प्रदर्शन करने वालों पर होगी कार्रवाई
नए प्रावधानों के अनुसार, यदि पांच या उससे अधिक लोगों के समूह में शामिल होकर कोई व्यक्ति पत्थर, पटाखे या डंडे फेंकता है और इससे लोगों की सुरक्षा खतरे में पड़ती है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई हो सकती है। ऐसे मामलों में पांच साल तक की जेल और 20 हजार यूरो तक जुर्माने का प्रावधान है।
यदि प्रदर्शन के दौरान आरोपी अपना चेहरा छिपाता है, किसी को घायल करता है या समूह के साथ मिलकर बड़े पैमाने पर तोड़फोड़ करता है, तो सजा और कड़ी हो सकती है।
नाबालिगों की गलती पर माता-पिता की जिम्मेदारी
नए नियमों का एक प्रमुख हिस्सा नाबालिगों द्वारा किए गए नुकसान की भरपाई से जुड़ा है। यदि कोई नाबालिग प्रदर्शन के दौरान दुकानों, वाहनों या सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाता है, तो उसके माता-पिता को आर्थिक जिम्मेदारी उठानी पड़ सकती है।
कुछ मामलों में माता-पिता पर 500 से 1,000 यूरो तक का प्रशासनिक जुर्माना लगाया जा सकता है। दोबारा उल्लंघन होने पर यह राशि दोगुनी हो सकती है। इसके अतिरिक्त, नुकसान की भरपाई के लिए भी कार्रवाई की जा सकती है। यानी माता-पिता पर लगने वाला जुर्माना और संपत्ति के नुकसान का मुआवजा अलग-अलग हो सकते हैं।
मिलान में हिंसा के बाद सरकार का फैसला
यह कदम उत्तरी इटली के मिलान और आसपास के शहरों में सप्ताहांत के दौरान हुई हिंसा के बाद उठाया गया है। इन घटनाओं में युवाओं के समूहों पर दुकानों के शीशे तोड़ने, लूटपाट करने और पुलिस से भिड़ने के आरोप लगे थे।
सरकार ने मिलान में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए 500 अतिरिक्त सैनिकों की तैनाती का भी ऐलान किया है। उन्हें साल के अंत तक सुरक्षा व्यवस्था में सहायता के लिए तैनात किया जाना है।
14 साल से अधिक उम्र के नाबालिगों को लेकर भी बदलाव
नए डिक्री में 14 वर्ष से अधिक उम्र के नाबालिगों की कानूनी जवाबदेही से जुड़े नियमों में भी बदलाव किया गया है। इसके तहत उनकी अपने कृत्यों को समझने की क्षमता को लेकर नया प्रावधान लागू किया गया है। हालांकि, नाबालिगों के मामलों में कार्रवाई संबंधित कानूनी प्रक्रिया के अनुसार होगी।



