पूछताछ के लिए नहीं पहुँचे कार्यकर्ता
बीते गुरुवार दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने सौरव दास, आशुतोष रंका और अजिंक्य को 12 बजे पूछताछ के लिए राजौरी गार्डन बुलाया था, लेकिन उन्होंने दिल्ली क्राइम ब्रांच की आज्ञा का पालन नहीं किया और वे नहीं आए।
बाद में सौरव दास, आशुतोष रंका और अजिंक्य ने पुलिस से पूछताछ के लिए थोड़े और समय की माँग की, लेकिन 23-10-2026 को कोई नया नोटिस क्राइम ब्रांच के द्वारा जारी नहीं हुआ है। लेकिन तीनों कार्यकर्ताओं को शुक्रवार सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे के बीच कभी भी दिल्ली क्राइम ब्रांच के सामने पेश होना पड़ेगा।
शर्तों के साथ मिली कोर्ट से राहत
सौरव दास, आशुतोष रंका और अजिंक्य कॉकरोच जनता पार्टी यानी CJP के मुख्य कार्यकर्ताओं में से हैं, जिनको 13 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर हिंसक विरोध प्रदर्शन के कारण हिरासत में लिया गया था।
हालाँकि इस मामले में तीनों कार्यकर्ताओं को कोर्ट से राहत ज़रूर मिली, पर कई शर्तों के बाद। स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट कोर्ट ने दोनों को न्यायिक हिरासत से रिहा करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने सौरव दास, आशुतोष रंका और अजिंक्य के पर्सनल और श्योरिटी बॉन्ड स्वीकार कर लिए हैं, साथ ही उन्होंने लिखित में शांति बनाए रखने और कानून का पालन करने का वचन भी दिया है।
आपको बता दें कि उनको फिलहाल राहत ज़रूर मिली है, लेकिन इसका मतलब ये नहीं है कि यह मामला खत्म हुआ है। पुलिस द्वारा अभी भी जाँच जारी है।
विवाद की वजह क्या है?
सौरव दास, आशुतोष रंका और अजिंक्य को हिरासत में लेने का कारण 13 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर हुआ विरोध प्रदर्शन है, जिसमें उन पर पुलिस द्वारा यह आरोप लगाया गया है कि प्रदर्शन से जुड़े लोग निजी परिसरों के रास्ते से उस इलाके में घुसते हुए नज़र आए, साथ ही हिंसक प्रदर्शन करके अशांति का माहौल उत्पन्न किया।
सिर्फ इतना ही नहीं, बल्कि उन पर यह भी आरोप है कि वे बिना सरकार की अनुमति के प्रदर्शन करने पहुँच गए, जबकि जंतर-मंतर विरोध प्रदर्शन के लिए निर्धारित स्थल नहीं है। यही वजह है कि प्रदर्शन और अनुमति से जुड़ी कानूनी शर्तें अभी चर्चा का विषय बनी हुई हैं।
आज की पेशी पर टिकी नज़रें
23-10-2026 यानी शुक्रवार को होने वाली कार्रवाई पर सबकी नज़रें टिकी हुई हैं। यहाँ एक तरफ तीनों कार्यकर्ताओं को कोर्ट में पेश भी होना है और दूसरी तरफ दिल्ली क्राइम ब्रांच की पूछताछ को लेकर भी स्थिति गंभीर बनी हुई है।
अब देखना ये होगा कि क्या आज भी सौरव दास, आशुतोष रंका और अजिंक्य आदेशों को नज़रअंदाज़ करेंगे या शराफ़त से कोर्ट में अपनी हाज़िरी लगाएंगे। देखना ये भी दिलचस्प होगा कि पुलिस की जाँच किस दिशा में मुड़ती है। फिलहाल आने वाले कुछ दिनों में कार्रवाई से जुड़े सवालों के जवाबों का खुलासा हो जाएगा।



