नई दिल्ली : रिलायंस जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ को निवेशकों का शानदार रिस्पॉन्स मिल रहा है। उपलब्ध रिपोर्ट के मुताबिक, 22 अक्टूबर को दूसरे दिन सुबह 11 बजे तक यह इश्यू 3.50 गुना सब्सक्राइब हो चुका था। कंपनी के 19.75 करोड़ शेयरों के मुकाबले करीब 69.08 करोड़ शेयरों के लिए बोलियां मिली थीं। निवेशक इस आईपीओ में 23 अक्टूबर तक आवेदन कर सकते हैं।

संस्थागत निवेशकों की सबसे ज्यादा दिलचस्पी

आईपीओ में सबसे ज्यादा मांग संस्थागत निवेशकों की ओर से देखने को मिली। उनका आरक्षित हिस्सा 9.42 गुना सब्सक्राइब हुआ, जबकि गैर-संस्थागत निवेशकों का हिस्सा 2.42 गुना और रिटेल निवेशकों का कोटा 1.02 गुना भर गया था।

कंपनी इस आईपीओ के जरिए कुल ₹30,213 करोड़ जुटाने का लक्ष्य लेकर आई है। इश्यू खुलने से पहले एंकर निवेशकों से करीब ₹8,110 करोड़ जुटाए गए थे।

कितना है प्राइस बैंड और न्यूनतम निवेश?

जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ का प्राइस बैंड ₹1,065 से ₹1,119 प्रति शेयर रखा गया है। रिपोर्ट के अनुसार, एक लॉट में 12 शेयर हैं, जिसके लिए अपर प्राइस बैंड पर कम से कम ₹13,428 का निवेश करना होगा। निवेश से पहले ब्रोकर या आईपीओ आवेदन प्लेटफॉर्म पर अंतिम विवरण जरूर जांच लें।

GMP के आधार पर ₹1,377 की लिस्टिंग का अनुमान

रिपोर्ट में आईपीओ का ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) ₹258 प्रति शेयर बताया गया है। अपर प्राइस बैंड ₹1,119 के आधार पर इससे संभावित लिस्टिंग कीमत करीब ₹1,377 निकाली जा रही है। हालांकि, GMP अनौपचारिक बाजार का संकेत है, इसकी कोई गारंटी नहीं होती और वास्तविक लिस्टिंग कीमत इससे अलग हो सकती है।

आईपीओ से मिली रकम का क्या होगा?

कंपनी के मुताबिक, आईपीओ से मिलने वाली रकम का इस्तेमाल मुख्य रूप से रिलायंस जियो इन्फोकॉम लिमिटेड के कर्ज चुकाने और सामान्य कॉर्पोरेट जरूरतों के लिए किया जाएगा। इश्यू के बाद प्रमोटर समूह की हिस्सेदारी घटने और सार्वजनिक शेयरधारिता बढ़ने का अनुमान भी रिपोर्ट में दिया गया है।