कर्नाटक में विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision–SIR) के बाद मतदाता सूची में करीब एक करोड़ की कमी दर्ज की गई है। 27 अक्टूबर 2026 को जारी अंतिम मतदाता सूची के अनुसार, राज्य में सामान्य मतदाताओं की संख्या 5.54 करोड़ से घटकर लगभग 4.55 करोड़ रह गई। निर्वाचन अधिकारियों के आँकड़ों के मुताबिक, पुरानी और अंतिम सूची की तुलना में 99,76,625 सामान्य मतदाताओं की कमी हुई है। 

SIR के बाद कितने मतदाता बचे?

निर्वाचन आयोग के आँकड़ों के अनुसार, 16 जून 2026 को कर्नाटक की मतदाता सूची में 5,54,32,314 सामान्य मतदाता दर्ज थे। पुनरीक्षण प्रक्रिया के बाद जारी अंतिम सूची में यह संख्या घटकर 4,54,55,689 रह गई।

हालाँकि, सर्विस वोटरों को शामिल करने पर राज्य में कुल मतदाताओं की संख्या 4,55,00,011 है। इसी कुल संख्या की तुलना पुरानी सूची से करने पर कुछ रिपोर्टों में कमी 99.32 लाख बताई गई है। इसलिए सामान्य मतदाताओं और सर्विस वोटरों के आँकड़ों को अलग-अलग समझना जरूरी है।

किन कारणों से कम हुए नाम?

SIR के दौरान मतदाता रिकॉर्ड का सत्यापन किया गया। निर्वाचन आयोग के आँकड़ों के अनुसार, ड्राफ्ट सूची तैयार करते समय कई नाम अनुपस्थित, स्थायी रूप से स्थान बदल चुके, मृत या डुप्लिकेट प्रविष्टियों की श्रेणियों में रखे गए थे।

ड्राफ्ट सूची से जुड़े आँकड़ों में लगभग 65.45 लाख मतदाताओं को स्थायी रूप से स्थान बदला हुआ, करीब 19 लाख को अनुपस्थित, 16.39 लाख को मृत और लगभग 7.09 लाख प्रविष्टियों को डुप्लिकेट बताया गया। ये शुरुआती सत्यापन की श्रेणियाँ हैं; इन्हें अंतिम सूची में हटाए गए सभी नामों का अंतिम, अलग-अलग वर्गीकरण नहीं माना जाना चाहिए। 

आपत्ति और सुधार के बाद जुड़े नए नाम

ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी होने के बाद दावे और आपत्तियाँ दर्ज करने का मौका दिया गया। इस अवधि में 10,08,038 नए मतदाता जोड़े गए, 1,88,324 नाम हटाए गए और 8,96,519 प्रविष्टियों में संशोधन किया गया। इसके बावजूद पुरानी और अंतिम सूची के बीच कुल मतदाताओं की संख्या में बड़ी कमी बनी रही। 

क्या हटाए गए सभी नाम फर्जी थे?

नहीं। मतदाता सूची से नाम कम होने का अर्थ यह नहीं है कि हटाए गए सभी लोग फर्जी मतदाता थे। किसी का पता बदलना, सत्यापन के समय अनुपस्थित होना, मृत्यु दर्ज होना या डुप्लिकेट प्रविष्टि होना अलग-अलग स्थितियाँ हैं। पात्र मतदाता का नाम छूट जाने पर निर्वाचन आयोग की निर्धारित प्रक्रिया के जरिए आवेदन किया जा सकता है।

वोटर लिस्ट में अपना नाम कैसे चेक करें?

मतदाता भारत निर्वाचन आयोग के आधिकारिक पोर्टल https://voters.eci.gov.in/ पर जाकर अपना नाम खोज सकते हैं। यदि किसी पात्र व्यक्ति का नाम अंतिम सूची में नहीं है, तो वह नाम जोड़ने के लिए Form 6 के माध्यम से आवेदन कर सकता है। नाम या पते में बदलाव की जरूरत होने पर संबंधित निर्वाचन अधिकारी से सही प्रक्रिया की जानकारी लेनी चाहिए।