राहुल गांधी ने पीएम मोदी को दी थी बहस की चुनौती
राहुल गांधी ने 2 नवंबर को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर आरोप लगाया था कि वे विदेशी मदद से प्रधानमंत्री बने और उसी के सहारे सत्ता में बने हुए हैं। उन्होंने देश की आर्थिक व्यवस्था और विदेशी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के प्रभाव को लेकर भी सवाल उठाए।
राहुल ने प्रधानमंत्री को किसी भी मंच पर, किसी भी समय खुली बहस करने की चुनौती दी थी।
रिजिजू ने दिया तीखा जवाब
राहुल के बयान पर 3 नवंबर को किरेन रिजिजू ने X पर जवाब देते हुए उनकी तुलना अलग-अलग कट्टरपंथी और अलगाववादी विचारधाराओं से की। उन्होंने लिखा कि भारत के दुश्मनों के एजेंडे को आगे बढ़ाते हुए दूसरों पर विदेशी समर्थन का आरोप लगाना खुद का मजाक उड़ाने जैसा है।
रिजिजू ने आगे कहा, 'टॉप लेवल की बहस समझदार और मैच्योर लोगों के बीच होती है।'
पीएम मोदी के बयान से शुरू हुआ विवाद
दरअसल, यह विवाद 31 अक्टूबर को गुजरात के स्टैच्यू ऑफ यूनिटी में राष्ट्रीय एकता दिवस कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण के बाद शुरू हुआ था। पीएम मोदी ने आरोप लगाया था कि कुछ ताकतें देश को बांटने की कोशिश कर रही हैं और सोशल मीडिया के जरिए अफवाहें फैलाई जा रही हैं।
इसके बाद राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री पर पलटवार किया और अब रिजिजू के जवाब से दोनों पक्षों के बीच बयानबाजी तेज हो गई है।



