मेरठ : उत्तर प्रदेश के मेरठ में चर्चित सांप कांड में अदालत ने रविता और उसके प्रेमी अमरदीप को मौत की सजा सुनाई है। दोनों को रविता के पति अमित कश्यप की हत्या और मामले को सांप के काटने से हुई मौत दिखाने की कोशिश करने के मामले में दोषी ठहराया गया था। अदालत के इस फैसले के बाद यह मामला एक बार फिर चर्चा में है।  

हत्या को सांप के काटने से हुई मौत दिखाने की कोशिश

यह मामला मेरठ के बहसूमा थाना क्षेत्र के अकबरपुर सादात गांव का है। अमित कश्यप की अप्रैल 2025 में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई थी। शुरुआत में मौत को सांप के काटने से जोड़कर देखा गया, लेकिन जांच में हत्या की साजिश का खुलासा हुआ।

अभियोजन पक्ष के मुताबिक, रविता और अमरदीप ने मिलकर अमित की हत्या की साजिश रची थी। आरोप था कि अमित की गला घोंटकर हत्या करने के बाद उसके शव के पास सांप रखा गया, ताकि मौत को सर्पदंश का मामला दिखाया जा सके। जांच के दौरान सामने आए साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने दोनों को दोषी करार दिया।

फोन कॉल और जांच में सामने आए अहम तथ्य

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, हत्या वाली रात रविता और अमरदीप के बीच कई बार फोन पर बातचीत हुई थी। पुलिस जांच में मिले साक्ष्यों और गवाहों के बयानों को अभियोजन पक्ष ने अदालत के सामने रखा। अदालत ने सुनवाई के बाद दोनों को हत्या के मामले में दोषी माना था। सजा सुनाने के लिए 16 अक्टूबर की तारीख तय की गई थी। 

तीन दिन में चार दोषियों को मौत की सजा की चर्चा

मेरठ में हाल ही में चर्चित नीला ड्रम हत्याकांड में भी मुस्कान और उसके प्रेमी साहिल को मौत की सजा सुनाई गई थी। इसके बाद सांप कांड में रविता और अमरदीप को सजा सुनाए जाने से दोनों मामलों की चर्चा एक साथ हो रही है। हालांकि, दोनों हत्याकांड अलग-अलग हैं और उनके तथ्य भी अलग हैं। 

अदालत द्वारा सुनाई गई मौत की सजा को अंतिम रूप से लागू करने की प्रक्रिया अलग होती है। इसलिए इस फैसले को दोषियों को मृत्युदंड सुनाए जाने के रूप में ही समझना चाहिए।