Facebook और Instagram की पैरेंट कंपनी Meta Platforms को अमेरिका के न्यू मेक्सिको राज्य की अदालत से बड़ा झटका लगा है। अदालत ने यूजर्स की निजी जानकारी और उपभोक्ता संरक्षण कानून से जुड़े मामले में कंपनी पर 25 अरब अमेरिकी डॉलर का नागरिक जुर्माना लगाया है। यह आदेश 21 अक्टूबर 2026 को जारी किया गया। Meta ने फैसले को चुनौती देने और अपील करने की बात कही है।

क्या है पूरा मामला?

यह मामला Facebook के डेटा इस्तेमाल और यूजर्स की गोपनीयता से जुड़ा है। न्यू मेक्सिको प्रशासन ने आरोप लगाया था कि कंपनी ने लोगों को इस बारे में गुमराह किया कि उनका निजी डेटा किस तरह इस्तेमाल होता है, तीसरे पक्ष के ऐप और डेवलपर्स को कितनी पहुंच मिल सकती है और प्लेटफॉर्म पर गलत जानकारी तथा हेट स्पीच को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।

यह मुकदमा 2018 में सामने आए Cambridge Analytica विवाद से भी जुड़ा है। इस विवाद में आरोप लगा था कि राजनीतिक परामर्श कंपनी Cambridge Analytica ने Facebook के करोड़ों यूजर्स की जानकारी हासिल की थी। इस घटना के बाद दुनियाभर में सोशल मीडिया कंपनियों के डेटा सुरक्षा नियमों पर सवाल उठे थे।

Meta ने फैसले पर क्या कहा?

Meta ने अदालत के फैसले से असहमति जताई है। कंपनी के मुख्य कानूनी अधिकारी सी.जे. महोनी के अनुसार, कंपनी इस फैसले के खिलाफ अपील करेगी। Meta का तर्क है कि मुकदमा ऑनलाइन अभिव्यक्ति पर नए प्रतिबंध लगाने की कोशिश करता है और कंपनी को उम्मीद है कि अपील में उसे राहत मिलेगी।

फिलहाल अपील का नतीजा सामने नहीं आया है। इसलिए इस आदेश को अदालत का मौजूदा फैसला माना जाना चाहिए, न कि अपील की प्रक्रिया पूरी होने के बाद का अंतिम परिणाम।

सोशल मीडिया कंपनियों के लिए क्या है इसका मतलब?

यह फैसला डिजिटल प्लेटफॉर्म पर यूजर्स की निजी जानकारी के इस्तेमाल, डेटा सुरक्षा और कंपनियों के सार्वजनिक दावों की जवाबदेही पर नई बहस को तेज कर सकता है। टेक कंपनियों के लिए यह मामला इस बात का उदाहरण है कि डेटा प्राइवेसी और उपभोक्ता संरक्षण से जुड़े दावों पर कानूनी कार्रवाई के गंभीर वित्तीय परिणाम हो सकते हैं।

हालांकि, Meta के खिलाफ इस मामले का अंतिम कानूनी परिणाम अपील और आगे की न्यायिक प्रक्रिया पर निर्भर करेगा।