प्रधानमंत्री का संबोधन ऐसे समय में हुआ है, जब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), वैश्विक व्यापार, ऊर्जा और तकनीकी प्रतिस्पर्धा दुनिया की अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर रहे हैं। उन्होंने समावेशी विकास और नागरिकों को सशक्त बनाने की जरूरत पर भी जोर दिया।
‘पावर टू एम्पावर’ पर दिया जोर
प्रधानमंत्री ने सत्ता और ताकत को केवल नियंत्रण के रूप में देखने के बजाय लोगों को सशक्त बनाने से जोड़ने की बात कही। उन्होंने भारत को लोकतंत्र की जननी बताते हुए कहा कि शासन का उद्देश्य लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना होना चाहिए।
AI और तकनीक बदल रहे हैं दुनिया की अर्थव्यवस्था
फोरम में तकनीकी बदलावों और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों पर भी चर्चा हुई। AI के बढ़ते इस्तेमाल से उद्योगों, कारोबार और कामकाज के तरीकों में बदलाव आ रहा है। ऐसे में तकनीकी अवसरों का लाभ उठाने के साथ उनके फायदे अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाना भी महत्वपूर्ण है।
भारत की अर्थव्यवस्था और विकास पर चर्चा
प्रधानमंत्री ने भारत की आर्थिक प्रगति और विकास की संभावनाओं को रेखांकित किया। वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही, यानी अप्रैल से जून 2026 के दौरान भारत की GDP वृद्धि दर 7.8% दर्ज की गई थी। यह आंकड़ा पहली तिमाही की वृद्धि से संबंधित है, पूरे वित्त वर्ष की वृद्धि दर नहीं।
पहली बार भारत में आयोजित हो रहा फोरम
ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम का आयोजन 13 से 15 अक्टूबर तक नई दिल्ली में किया जा रहा है। इस वर्ष फोरम का विषय “A World in Play: Defining the New Levers of Power” है। इसमें दुनिया के विभिन्न देशों के सरकारी प्रतिनिधि, कारोबारी, निवेशक और अन्य प्रमुख हस्तियां वैश्विक अर्थव्यवस्था की चुनौतियों और भविष्य की संभावनाओं पर चर्चा कर रहे हैं।



