31 अक्टूबर को आयोजित इस समारोह में देश की सैन्य और सुरक्षा शक्ति के साथ भारत की सांस्कृतिक विविधता की भी झलक देखने को मिली। कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने देशवासियों से राष्ट्रीय एकता, अखंडता और सुरक्षा के प्रति सजग रहने का आह्वान किया।
स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के सामने गूंजा राष्ट्रीय एकता का संदेश
एकता नगर में आयोजित मुख्य समारोह की शुरुआत सरदार वल्लभभाई पटेल को श्रद्धांजलि देने के साथ हुई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की और देश की एकता के लिए उनके योगदान को याद किया।
इसके बाद राष्ट्रीय एकता दिवस की शपथ दिलाई गई। इस दौरान देश की एकता और अखंडता बनाए रखने तथा राष्ट्र की सुरक्षा के लिए समर्पित रहने का संकल्प लिया गया।
सरदार पटेल ने आजादी के बाद देश की सैकड़ों रियासतों के एकीकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। इसी ऐतिहासिक योगदान की याद में हर साल 31 अक्टूबर को राष्ट्रीय एकता दिवस मनाया जाता है।
सुरक्षा बलों की परेड ने दिखाया अनुशासन और ताकत
समारोह का प्रमुख आकर्षण एकता परेड रही। इसमें केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों और विभिन्न राज्यों की पुलिस इकाइयों ने हिस्सा लिया। जवानों ने अपने अनुशासन, प्रशिक्षण और पेशेवर क्षमता का प्रदर्शन किया।
परेड में BSF, CRPF, CISF, ITBP और SSB सहित सुरक्षा बलों की टुकड़ियां शामिल हुईं। इसके अलावा विशेष दस्तों और मोटरसाइकिल डेयरडेविल टीमों ने भी अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों का ध्यान खींचा।
इस आयोजन के माध्यम से देश की सीमाओं की सुरक्षा से लेकर आंतरिक शांति बनाए रखने तक सुरक्षा बलों की भूमिका को सामने रखा गया।
नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में बदलाव की कहानी भी बनी आकर्षण
इस बार के राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह में नक्सलवाद से प्रभावित रहे क्षेत्रों में शांति और विकास की दिशा में हुए बदलाव को भी विशेष स्थान दिया गया।
राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय की ओर से इस विषय पर एक विशेष प्रस्तुति तैयार की गई। इसके माध्यम से उन इलाकों की चुनौतियों, स्थानीय लोगों के जीवन और शांति की ओर बढ़ते कदमों को दर्शाया गया।
इस प्रस्तुति का उद्देश्य यह संदेश देना था कि सुरक्षा के साथ विकास और आम लोगों की भागीदारी भी देश की आंतरिक मजबूती के लिए जरूरी है।
5,000 कलाकारों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां
राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह में भारत की सांस्कृतिक विविधता भी आकर्षण का केंद्र रही। देश के अलग-अलग हिस्सों से आए करीब 5,000 कलाकारों ने लोकनृत्य, संगीत और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए भारत की विविध परंपराओं को प्रदर्शित किया।
कार्यक्रम में 'वंदे मातरम्' की थीम पर आधारित प्रस्तुतियों ने राष्ट्रीय गौरव और एकता का संदेश दिया। अलग-अलग भाषाओं, वेशभूषाओं और लोककलाओं के जरिए एक मंच पर भारत की विविधता देखने को मिली।
एकता नगर को मिली ₹400 करोड़ से अधिक की विकास परियोजनाओं की सौगात
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने गुजरात दौरे के दौरान एकता नगर में ₹400 करोड़ से अधिक की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी किया।
इन परियोजनाओं में जल एवं सीवेज प्रबंधन, नर्मदा घाट के विकास, पर्यावरण संरक्षण, रेनफॉरेस्ट और पर्यटन सुविधाओं से जुड़े कार्य शामिल हैं। इनका उद्देश्य एकता नगर को बेहतर पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने के साथ स्थानीय आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करना है।
क्यों खास है 31 अक्टूबर का दिन?
31 अक्टूबर को देश के पहले उप प्रधानमंत्री और गृह मंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती मनाई जाती है। आजादी के बाद रियासतों के एकीकरण में उनकी भूमिका ने आधुनिक भारत की राजनीतिक और भौगोलिक एकता की नींव मजबूत करने में अहम योगदान दिया।
इसी विरासत को याद करते हुए राष्ट्रीय एकता दिवस मनाया जाता है। गुजरात के एकता नगर में आयोजित समारोह ने एक बार फिर देश की एकता, अखंडता और सुरक्षा के महत्व को रेखांकित किया।



