यह घटना सराय बंजारा रेलवे स्टेशन के पास राजपुरा-सिरहिंद रेलखंड पर शुक्रवार दोपहर करीब 1:30 बजे हुई। ट्रेन नंबर 12508 अमृतसर से न्यू जलपाईगुड़ी की ओर जा रही थी। आग की सूचना मिलते ही रेलवे कर्मचारियों ने ट्रेन को रुकवाया और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया।
तीन डिब्बे बुरी तरह जले, चौथे को भी नुकसान
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, आग सबसे पहले ट्रेन के एक जनरल डिब्बे में दिखाई दी। तेज हवा के कारण आग आसपास के डिब्बों तक फैल गई। देखते ही देखते तीन डिब्बे बुरी तरह जल गए, जबकि चौथे डिब्बे को भी आंशिक नुकसान पहुंचा।
अंबाला मंडल के अधिकारियों के मुताबिक, ट्रेन में लगभग 1,500 यात्री सवार थे। आग का पता चलते ही रेलवे के सुरक्षा तंत्र को सक्रिय किया गया। लोको पायलट, गार्ड और अन्य कर्मचारियों ने प्रभावित डिब्बों को बाकी ट्रेन से अलग करने की कार्रवाई की, ताकि आग दूसरे डिब्बों तक न फैल सके।
जान बचाने के लिए यात्रियों ने लगाई छलांग
आग और धुएं को देखकर यात्रियों में दहशत फैल गई। कुछ यात्रियों ने घबराहट में ट्रेन के रुकने से पहले ही नीचे छलांग लगा दी। स्थानीय ग्रामीण भी मौके पर पहुंचे और यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालने में मदद की।
घायलों को लेकर अलग-अलग रिपोर्टों में अंतर सामने आया है। कुछ रिपोर्टों में 2-3 यात्रियों को मामूली चोट लगने की जानकारी दी गई, हालांकि, किसी की मौत की खबर सामने नहीं आई है। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों को सुरक्षित उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए वैकल्पिक ट्रेन की व्यवस्था भी की।
आठ ट्रेनों का बदला गया रूट
कर्मभूमि एक्सप्रेस में आग लगने के बाद इस रेलखंड पर यातायात प्रभावित हुआ। सुरक्षा के मद्देनजर रेलवे ने कुछ समय के लिए रेल परिचालन नियंत्रित किया। इसके साथ ही आठ अन्य ट्रेनों को वैकल्पिक मार्गों से डायवर्ट किया गया।
रेलवे कर्मचारियों ने प्रभावित डिब्बों को हटाने और ट्रैक पर रेल परिचालन सामान्य करने का काम शुरू किया। यात्रियों को आगे की यात्रा के लिए वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध कराई गई।
आग लगने की वजह की जांच शुरू
फिलहाल आग लगने की वास्तविक वजह स्पष्ट नहीं हुई है। शुरुआती स्तर पर शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई गई, लेकिन रेलवे ने इसे अंतिम कारण नहीं माना है। अधिकारियों के अनुसार, घटना की जांच की जाएगी और तकनीकी पहलुओं की पड़ताल के बाद ही आग लगने की असली वजह सामने आएगी।
इस घटना ने एक बार फिर लंबी दूरी की ट्रेनों में अग्नि सुरक्षा और आपातकालीन व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। राहत की बात यह रही कि समय रहते ट्रेन को रोककर यात्रियों को बाहर निकाल लिया गया और एक बड़ी दुर्घटना टल गई।



