क्या है पूरा मामला?
यह मामला 2018 में कर्नाटक विधानसभा चुनाव के दौरान राहुल गांधी की एक टिप्पणी से जुड़ा है। आरोप था कि बेंगलुरु में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने तत्कालीन भाजपा अध्यक्ष अमित शाह को हत्या के एक मामले का आरोपी बताया था। इस बयान को मानहानिकारक बताते हुए भाजपा नेता विजय मिश्रा ने 4 अगस्त 2018 को राहुल गांधी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी।
अदालत ने क्यों किया बरी?
मामले की सुनवाई अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट शुभम वर्मा की अदालत में हुई। रिपोर्टों के मुताबिक, अदालत ने माना कि राहुल गांधी की संबंधित टिप्पणी मानहानिकारक प्रकृति की नहीं थी। इसके बाद उन्हें मामले में दोषमुक्त कर दिया गया।
फैसले के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मनाया जश्न
फैसले के बाद अदालत परिसर के बाहर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने खुशी जताई। यह मामला करीब आठ साल से चल रहा था और फैसले पर राजनीतिक तथा कानूनी हलकों की नजर थी। अदालत का यह आदेश इसी मानहानि मामले से संबंधित है; इसे राहुल गांधी के खिलाफ किसी अन्य मामले के फैसले के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।



