नई दिल्ली: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और अन्य नेताओं की ओर से ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और चुनावी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। याचिका में SIR के तहत करोड़ों लोगों के नाम हटाने को चुनौती दी गई है और चुनाव आयोग के कामकाज की प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं । मंगलवार को इसपर सुनवाई होने की संभावना है ।
याचिका में जिन ग्यारह याचिकाकर्ताओं के नाम शामिल हैं, वो हैं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष और राज्य सभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, सौगत रॉय, अखिलेश यादव, तेजस्वी प्रसाद यादव, संजय राउत, एम. ए. बेबी, डी. राजा, महुआ माझी, सुप्रिया सुले और ई.टी. मोहम्मद समीर बशीर ।
याचिका से पहले सुप्रीम कोर्ट तक मार्च
याचिका दाखिल करने से पहले इंडिया ब्लॉक के नेताओं ने राहुल गांधी के नेतृत्व में बाराखंभा रोड से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक मार्च किया । इसमें गठबंधन के आठ बड़े नेता और देश के अलग-अलग हिस्सों से पहुंचे उन पार्टियों के कार्यकर्ता शामिल थे ।राहुल गांधी और प्रियंका वाड्रा के साथ अखिलेश यादव,तेजस्वी यादव, रेवंत रेड्डी समेत कई नेता शामिल हुए ।
राहुल गांधी के समय पर नहीं पहुंच पाने की वजह से उनकी कानूनी टीम सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री पहुंची और याचिका दाखिल करने के लिए शाम 4:30 बजे की तय समय सीमा के बाद भी समय देने का अनुरोध किया ।
याचिका से पहले राहुल गांधी ने ज्ञानेश कुमार से मांगा इस्तीफा
सुप्रीम कोर्ट मार्च से पहले राहुल गांधी ने कांग्रेस मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से इस्तीफा देने और सरकारी गवाह बनने की अपील की। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि चुनावी प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों के पीछे कुछ बड़ी ताकतें हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष की लड़ाई चुनावी व्यवस्था में बदलाव होने तक जारी रहेगी।
पहले ज्ञापन देने के लिए सीजेआई से मांगा था समय
राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने पहले मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत से मिलने का समय मांगा था। विपक्षी नेता चुनाव आयोग, SIR प्रक्रिया और प्रदर्शन के दौरान हुई कथित गिरफ्तारियों से जुड़े मुद्दों पर सीजेआई को ज्ञापन देना चाहते थे ।
लेकिन सीजेआई सूर्यकांत ने मुलाकात से इनकार कर दिया और याचिका दाखिल करने के लिए कहा था । सीजेआई ने कहा कि संबंधित मामले अदालत में विचाराधीन हैं और शिकायतों को उचित कानूनी प्रक्रिया के तहत उठाया जाना चाहिए।
अखिलेश बोले-मांगे माने जाने तक आंदोलन जार रहेगा
विपक्षी नेताओं ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए और चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग की। अखिलेश यादव ने कहा कि लोकतंत्र बचाने के लिए आंदोलन और धरना-प्रदर्शन जारी रहेंगे। उन्होंने मतदाता सूची में गड़बड़ी और चुनावी नतीजों में हेरफेर के आरोप लगाए और भाजपा पर चुनाव आयोग के साथ मिलकर संविधान और लोकतंत्र को कमजोर करने का आरोप लगाया।
अखिलेश ने जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल की सूची से हटाने के फैसले पर कहा कि केवल प्रदर्शन की जगह बदलने से विपक्ष की आवाज नहीं रुकेगी। उन्होंने कहा कि विपक्ष अपनी मांगों को लेकर कानूनी और अन्य उपलब्ध तरीकों से संघर्ष जारी रखेगा। बता दें कि केंद्र सरकार ने जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल की सूचि से हटा दिया है ।
तृणमूल कांग्रेस की ममता बनर्जी ने भी विपक्ष की मांगों का समर्थन करते हुए कहा कि वह न्याय की मांग कर रहा है। शिवसेना (UBT) के सांसद संजय राउत ने राहुल गांधी के कदम का समर्थन किया।
राहुल गांधी को सिर्फ अराजकता फैलाना आता है - भाजपा
भाजपा ने राहुल गांधी और इंडिया ब्लॉक के नेताओं पर हमला बोला । पार्टी की ओर से आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में सांसद अनुराग ठाकुर ने राहुल गांधी के नेतृत्व में निकाले गए मार्च की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी को तथ्यों और नियम-कानून की जानकारी नहीं है और वह संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम कर रहे हैं।
अनुराग ठाकुर ने कहा, “देश को शोर नहीं, सच चाहिए। आरोप नहीं, प्रमाण चाहिए।” उन्होंने राहुल गांधी के वोट चोरी संबंधी आरोपों पर सवाल उठाते हुए कहा कि विपक्ष को अपने दावों के समर्थन में सबूत पेश करने चाहिए।
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि चुनाव में हार के बाद संवैधानिक संस्थाओं को दोष देना कांग्रेस की आदत बन गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस की समस्या चुनाव आयोग नहीं, बल्कि उसका दिशाहीन नेतृत्व है।
AAP के प्रदर्शन में हिरासत में लिए गए संजय सिंह और सौरभ भारद्वाज
राहुल गांधी के नेतृत्व में सुप्रीम कोर्ट मार्च के बीच 12 अक्टूबर 2026 को आम आदमी पार्टी (AAP) ने भी दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन किया। पार्टी के वरिष्ठ नेता संजय सिंह और सौरभ भारद्वाज के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने जनपथ मेट्रो स्टेशन के पास विरोध जताया । इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में कथित गड़बड़ी को लेकर सवाल उठाए ।
प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने की कोशिश की। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। इसके बाद पुलिस ने संजय सिंह और सौरभ भारद्वाज को हिरासत में ले लिया।



