नागकू क्षेत्र में भूकंप का केंद्र
भूकंप गुरुवार रात करीब 10:33 बजे स्थानीय समय पर आया। इसका केंद्र उत्तरी तिब्बत के नागकू क्षेत्र के एक कम आबादी वाले इलाके में था। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) ने भी भूकंप की तीव्रता 7.0 दर्ज की है। भारतीय राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के रिकॉर्ड में भी 7.0 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया है।
339 मकान और 20 मवेशी शेड ढहे
स्थानीय अधिकारियों के हवाले से आई रिपोर्टों के अनुसार, भूकंप के कारण कम से कम 339 मकान और 20 मवेशी शेड ढह गए हैं। कई इलाकों में इमारतों को नुकसान पहुंचा है। मृतकों की संख्या कम से कम 16 बताई गई है, जबकि घायलों की संख्या को लेकर अलग-अलग रिपोर्टों में अलग आंकड़े सामने आए हैं।
1,600 से अधिक कर्मी राहत कार्य में तैनात
प्रभावित क्षेत्र में 1,600 से अधिक लोगों को राहत एवं बचाव कार्यों के लिए तैनात किया गया है। बेघर हुए लोगों को सहायता देने के लिए अस्थायी आवास, टेंट, फोल्डिंग बेड, टॉर्च और गर्म कपड़े पहुंचाए जा रहे हैं। प्रशासन मलबे में फंसे लोगों की तलाश और प्रभावित परिवारों तक जरूरी मदद पहुंचाने में जुटा है।
सड़क और रेल सेवाओं पर भी असर
भूकंप के बाद पहाड़ी इलाकों में चट्टानें खिसकने और मलबा गिरने की घटनाएं सामने आई हैं। इसके चलते नेशनल हाईवे 317 के एक हिस्से पर आवाजाही प्रतिबंधित की गई है। फिलहाल इस मार्ग पर आपातकालीन और राहत-बचाव वाहनों को प्राथमिकता दी जा रही है। कुछ इलाकों में संचार व्यवस्था प्रभावित होने की भी खबर है और सुरक्षा के मद्देनजर रेल सेवाओं पर आपात कदम उठाए गए हैं।
प्रभावित क्षेत्र में बर्फबारी की आशंका
रिपोर्टों के मुताबिक, भूकंप प्रभावित ऊंचाई वाले इलाके में अगले कुछ दिनों के दौरान रुक-रुककर बर्फबारी हो सकती है। इससे राहत और बचाव कार्यों में अतिरिक्त चुनौती पैदा होने की आशंका है। अधिकारी हालात पर नजर रख रहे हैं। मृतकों, घायलों और संपत्ति के नुकसान के अंतिम आंकड़े राहत अभियान आगे बढ़ने के साथ बदल सकते हैं।



