पुलिस से लेकर वन विभाग तक मिलेगा मौका
मुख्यमंत्री ने पुलिस, पीएसी, होमगार्ड, वन विभाग और कारागार विभाग में पूर्व अग्निवीरों को अवसर देने की बात कही। उनका कहना है कि सेना में सेवा के दौरान युवाओं को अनुशासन, प्रशिक्षण और सुरक्षा का अनुभव मिलता है, जिसका इस्तेमाल प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था में किया जा सकता है।
पहले भी कैबिनेट दे चुकी है मंजूरी
पूर्व अग्निवीरों को आरक्षण देने की दिशा में यूपी सरकार पहले भी कदम उठा चुकी है। सितंबर 2026 में कैबिनेट ने जेल वार्डर और परिवहन विभाग के प्रवर्तन कांस्टेबल की सीधी भर्ती में 20 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण को मंजूरी दी थी। पहले स्वीकृत प्रावधानों में अधिकतम आयु सीमा में तीन साल की छूट का भी उल्लेख है।
अब सरकारी आदेश का इंतजार
मुख्यमंत्री की ताजा घोषणा से पूर्व अग्निवीरों के लिए रोजगार के नए अवसर खुलने की उम्मीद है। हालांकि, सभी विभागों में आरक्षण और बिना लिखित परीक्षा नियुक्ति की प्रक्रिया किन नियमों के तहत लागू होगी, यह संबंधित शासनादेश और भर्ती विज्ञापन से स्पष्ट होगा।



