लखनऊ, 24 अक्टूबर 2026। उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस के बीच सीटों के बंटवारे को लेकर बातचीत शुरू हो गई है। कांग्रेस ने आगामी चुनाव में गठबंधन के तहत 175 से 200 विधानसभा सीटों पर अपनी दावेदारी से जुड़ी शुरुआती सूची सपा नेतृत्व के साथ साझा की है। हालांकि, दोनों दलों के बीच सीटों की संख्या को लेकर अभी अंतिम सहमति नहीं बनी है।

कांग्रेस के उत्तर प्रदेश प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने समाचार एजेंसी PTI को बताया कि पार्टी ने 175 से 200 सीटों की सूची सपा के नेताओं को सौंपी है। उन्होंने कहा कि दोनों दलों का नेतृत्व जल्द ही सीट बंटवारे की विस्तृत शर्तों पर चर्चा करेगा। इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में सपा-कांग्रेस गठबंधन के संभावित समीकरणों पर चर्चा तेज हो गई है।

कांग्रेस की नजर किन सीटों पर?

रिपोर्टों के मुताबिक, कांग्रेस ने विधानसभा क्षेत्रों को अपनी चुनावी संभावनाओं के आधार पर अलग-अलग श्रेणियों में रखने की कवायद की है। पार्टी 2024 के लोकसभा चुनाव के प्रदर्शन और पहले के विधानसभा चुनावों के आंकड़ों को ध्यान में रखकर सीटों का आकलन कर रही है। बातचीत में यह देखा जा सकता है कि किन क्षेत्रों में कांग्रेस का संगठन, स्थानीय नेतृत्व और सपा का समर्थन मिलकर चुनावी समीकरण बना सकते हैं। 

हालांकि, 175 से 200 सीटों की सूची साझा करने का मतलब यह नहीं है कि कांग्रेस इन्हीं सीटों पर चुनाव लड़ेगी। यह शुरुआती प्रस्ताव है और अंतिम सूची दोनों दलों के बीच बातचीत के बाद ही तय होगी।

सपा ने जीतने की क्षमता को बताया अहम आधार

कांग्रेस की शुरुआती सूची के बावजूद समाजवादी पार्टी के भीतर इस बात पर सवाल उठने की खबर है कि कांग्रेस को गठबंधन में कितनी सीटें दी जानी चाहिए। PTI की रिपोर्ट के अनुसार, सपा के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि सीटों का फैसला उम्मीदवारों की जीतने की क्षमता के आधार पर होना चाहिए। उनके मुताबिक, अंतिम समझौते के लिए केवल सीटों की संख्या नहीं, बल्कि चुनावी संभावनाओं को भी ध्यान में रखना होगा। 

इससे संकेत मिलता है कि दोनों दलों के बीच बातचीत में सीटों की संख्या के साथ-साथ संबंधित विधानसभा क्षेत्रों में संगठनात्मक मजबूती और उम्मीदवारों की स्थिति भी महत्वपूर्ण मुद्दे रहेंगे। फिलहाल सपा की ओर से कांग्रेस को मिलने वाली सीटों की अंतिम संख्या की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।

अखिलेश यादव ने गठबंधन को लेकर क्या कहा?

सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने शुक्रवार को लखनऊ में कहा कि कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और INDIA गठबंधन को मजबूत करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि दोनों दलों का साझा लक्ष्य भाजपा को सत्ता से हटाना है और गठबंधन आगे प्रभावी ढंग से बढ़ेगा। यह बयान ऐसे समय आया है, जब दोनों दल आगामी विधानसभा चुनाव के लिए सीट बंटवारे पर बातचीत की तैयारी कर रहे हैं। 

2022 और 2024 के चुनावों का क्या रहा था प्रदर्शन?

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 में कांग्रेस ने अकेले चुनाव लड़ते हुए 403 में से केवल दो सीटें जीती थीं। इससे पहले 2017 के विधानसभा चुनाव में सपा के साथ गठबंधन के बावजूद कांग्रेस को सात सीटें मिली थीं।

वहीं, 2024 के लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश की 80 सीटों पर सपा और कांग्रेस ने गठबंधन में चुनाव लड़ा था। सपा ने 37 और कांग्रेस ने छह सीटों पर जीत दर्ज की थी। इस प्रदर्शन के बाद कांग्रेस को आगामी विधानसभा चुनाव में गठबंधन के तहत अधिक सीटें मिलने की उम्मीद है। हालांकि, लोकसभा और विधानसभा चुनावों के नतीजे अलग-अलग राजनीतिक परिस्थितियों में तय होते हैं। 

अब आगे क्या होगा?

दोनों दलों के नेतृत्व के बीच होने वाली अगली बैठकों में सीटों के बंटवारे, उम्मीदवारों की स्थिति और गठबंधन की रणनीति पर विस्तार से चर्चा होने की उम्मीद है। कांग्रेस अधिक सीटों पर अपनी दावेदारी रख रही है, जबकि सपा की ओर से जीतने की क्षमता को प्राथमिकता दिए जाने की बात सामने आई है।

फिलहाल 175 से 200 सीटों की सूची को शुरुआती प्रस्ताव के रूप में ही देखा जाना चाहिए। अंतिम समझौता कितनी सीटों पर होगा और कौन-सा दल किन क्षेत्रों में उम्मीदवार उतारेगा, इस पर दोनों पार्टियों की आधिकारिक घोषणा का इंतजार है।