इन चुनावों को राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है, क्योंकि इनके नतीजे प्रदेश में दोनों प्रमुख दलों की संगठनात्मक स्थिति और शिक्षक व स्नातक मतदाताओं के बीच उनकी पकड़ का संकेत दे सकते हैं।
11 सीटों पर होगा चुनाव
उत्तर प्रदेश विधान परिषद की जिन 11 सीटों पर मतदान होना है, उनमें पांच स्नातक निर्वाचन क्षेत्र और छह शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं।
स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में लखनऊ, वाराणसी, आगरा, मेरठ और इलाहाबाद-झांसी शामिल हैं। वहीं, शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में लखनऊ, वाराणसी, आगरा, मेरठ, बरेली-मुरादाबाद और गोरखपुर-फैजाबाद शामिल हैं।
इन सीटों के लिए सामान्य विधानसभा चुनाव की तरह सभी मतदाता वोट नहीं डालेंगे। मतदान का अधिकार उन्हीं लोगों को होगा जिनके नाम संबंधित शिक्षक या स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची में दर्ज हैं।
BJP और सपा ने प्रचार में लगाई पूरी ताकत
चुनाव प्रचार के अंतिम चरण में भाजपा ने अपने वरिष्ठ नेताओं और संगठन के पदाधिकारियों को मैदान में उतारा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित पार्टी के नेताओं ने विभिन्न क्षेत्रों में प्रचार और जनसंपर्क किया।
वहीं, समाजवादी पार्टी ने भी अपने सांसदों, विधायकों, जिलाध्यक्षों और स्थानीय संगठन के पदाधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी। पार्टी की कोशिश शिक्षक संगठनों, स्नातक मतदाताओं और स्थानीय स्तर पर प्रभाव रखने वाले लोगों तक पहुंच बनाने की रही।
दोनों दलों के लिए यह चुनाव इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि प्रदेश में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं। हालांकि, विधान परिषद चुनाव के नतीजों को सीधे विधानसभा चुनाव के परिणाम का संकेत मानना सही नहीं होगा।
कब होगी वोटिंग और कब आएगा रिजल्ट?
निर्वाचन कार्यक्रम के अनुसार, 23 अक्टूबर को सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक मतदान होगा। इसके बाद 27 अक्टूबर को मतगणना की जाएगी। चुनाव प्रक्रिया 31 अक्टूबर तक पूरी किए जाने का कार्यक्रम है।



