वैशाली, बिहार: बिहार के वैशाली जिले के राघोपुर क्षेत्र में गंगा नदी में नाव पलटने से 13 बच्चों की मौत हो गई। मंगलवार, 13 अक्टूबर की शाम रामपुर श्यामचंद गांव के पास हुए इस हादसे के बाद इलाके में शोक का माहौल है। घटना पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और राघोपुर के विधायक तेजस्वी यादव ने दुख जताया। प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा भी की है।
वैशाली की जिलाधिकारी वर्षा सिंह के अनुसार, हादसे में 13 बच्चों की मौत हुई। हादसे के बाद स्थानीय लोगों, पुलिस और आपदा बचाव दलों ने राहत एवं बचाव अभियान चलाया। प्रारंभिक रिपोर्टों के मुताबिक, नाव पर लगभग 15 से 20 लोग सवार थे और वे गंगा नदी पार कर दूसरे गांव में भोज में शामिल होने जा रहे थे।
PM मोदी ने जताया दुख, मृतकों के परिजनों को 2 लाख रुपये की सहायता
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैशाली में नाव पलटने की घटना पर दुख व्यक्त किया। उन्होंने शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना जताई और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की।
प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, हादसे में जान गंवाने वाले प्रत्येक व्यक्ति के निकटतम परिजन को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से 2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी। वहीं, घायलों को 50 हजार रुपये की सहायता देने की घोषणा की गई है।
CM सम्राट चौधरी ने भी जताया शोक, 4 लाख रुपये की सहायता का ऐलान
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने नाव हादसे में बच्चों की मौत पर दुख व्यक्त किया। उन्होंने शोकाकुल परिवारों के प्रति संवेदना जताते हुए दिवंगत आत्माओं की शांति और परिजनों को इस कठिन समय में दुख सहने की शक्ति मिलने की कामना की।
मुख्यमंत्री की ओर से घोषित सहायता के अनुसार, प्रत्येक मृतक के परिवार को बिहार सरकार की ओर से 4 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी।
केंद्र और राज्य सरकार की घोषित सहायता को मिलाकर प्रत्येक मृतक के परिवार को कुल 6 लाख रुपये की सहायता मिल सकती है। वास्तविक भुगतान संबंधित सरकारी नियमों और प्रक्रिया के अनुसार होगा।
तेजस्वी यादव ने भी जताया दुख
राघोपुर विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले RJD नेता तेजस्वी यादव ने भी नाव हादसे पर दुख व्यक्त किया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर उन्होंने दिवंगत लोगों की आत्मा की शांति और शोकाकुल परिवारों को इस दुख को सहन करने की शक्ति मिलने की कामना की।
भोज में शामिल होने जा रहे थे लोग, रास्ते में पलटी नाव
प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, नाव पर लगभग 15 से 20 लोग सवार थे। बताया गया है कि वे गंगा नदी पार कर दूसरे गांव में भोज में शामिल होने जा रहे थे। इसी दौरान नाव पलट गई और यात्री नदी में डूबने लगे।
घटना की सूचना मिलने के बाद स्थानीय लोग, पुलिस और आपदा बचाव दल मौके पर पहुंचे। नदी में तलाश और बचाव अभियान चलाया गया तथा घायलों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।
नाव पलटने की सटीक वजह, नाव में सवार लोगों की अंतिम संख्या और सुरक्षा इंतजामों को लेकर आधिकारिक जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
नाव हादसे ने नदी पार करने की सुरक्षा पर उठाए सवाल
इस हादसे में बच्चों की मौत ने नदी पार करने वाले यात्रियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। नाव में यात्रियों की संख्या, उपलब्ध सुरक्षा उपकरणों और दुर्घटना की परिस्थितियों की जांच महत्वपूर्ण होगी।
फिलहाल, प्रभावित परिवारों के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा की गई है। प्रशासन के सामने राहत एवं बचाव कार्य, घायलों का इलाज और हादसे की परिस्थितियों की जांच सुनिश्चित करने की चुनौती है।



